भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शनिवार है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, 21 फरवरी 2026 को फाल्गुन मास की शुक्ल चतुर्थी तिथि है। सुबह 09:45 से 11:10 तक राहुकाल रहेगा
तिथि: शुक्ल चतुर्थी – दोपहर 01:00 बजे तक
योग: शुभ – दोपहर 03:51 बजे तक
करण: विष्टि – दोपहर 01:00 बजे तक
करण: बव – रात्रि 12:06 बजे तक (22 फरवरी)
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 06:54 बजे
सूर्यास्त का समय: सायं 06:15 बजे
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:12 बजे से दोपहर 12:58 बजे तक
अमृत काल: सायं 04:49 बजे से सायं 06:21 बजे तक
आज के अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: प्रातः 09:45 बजे से प्रातः 11:10 बजे तक
गुलिकाल: प्रातः 06:54 बजे से प्रातः 08:19 बजे तक
यमगण्ड: दोपहर 02:00 बजे से दोपहर 03:25 बजे तक
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।
हिंदू धर्म में शनि देव को समर्पित है और न्याय, कड़ी मेहनत और अनुशासन के लिए जाना जाता है। इस दिन अक्सर लोग शनि देव की पूजा करते हैं, पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाते हैं और काले तिल या उड़द की दाल का दान करते हैं।
शनिवार का महत्व:
ज्योतिषीय महत्व: शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है, जो कर्म के अनुसार फल देते हैं। शनिवार को उनकी आराधना से शनि साढ़ेसाती या ढैया के दुष्प्रभावों से राहत मिलती है।
धार्मिक कार्य: इस दिन शनि चालीसा, सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करना बहुत शुभ माना जाता है।
दान-पुण्य: जरूरतमंदों को काले कपड़े, लोहे की वस्तुएं, या तेल का दान करना उत्तम माना जाता है।