ज्वालामुखी और देहरा में भाजपा को मिली हार को भाजपाई आसानी से पचा नहीं पा रहे हैं। भाजपा कार्यकर्ता अब एक दूसरे पर भीतरघात को आरोप लगाने लगे हैं। जिससे मामला दिलचस्प हो गया हे।
यहां राज्य सरकार की ओर से सरकारी कार्यालयों को बंद करने के निर्णय के विरोध में हस्ताक्षर अभियान चलाने को लेकर आयोजित बैठक में चुनावी हार को लेकर चली बात के दौरान हंगामा हो गया। बैठक में पूर्व मंत्री रविंद्र सिंह की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर विधानसभा चुनावों में भितरघात के आरोप लगाए, जिसके चलते भाजपा की बैठक अच्छा खासा हंगामा हो गया।
बैठक के दौरान भाजपा कार्यकर्ता भाजपा की ज्वालामुखी व देहरा में हुई हार को लेकर आपस में उलझते दिखे। एक-दूसरे के ऊपर भितरघात करने के आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे। लेकिन बात बढती देख पूर्व मंत्री रविंद्र सिंह रवि ने बैठक में सभी कार्यकर्ताओं को शांत किया, और सलाह दी कि सभी संगठन की मजबूती को लेकर कार्य करें और हमसे जो गलतियां हुई हैं उन पर विचार-विमर्श कर सही दिशा में कार्य करें।
बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि ज्वालामुखी भाजपा के सभी पोलिंग बूथ पर भाजपा कार्यकर्ताओं का हस्ताक्षर अभियान शुरू कर एक ज्ञापन एसडीएम के माध्यम से राज्यपाल को भेजा जाएगा जिसमें मांग की जाएगी कि ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र में डिनोटिफाइड किए गए कार्यालयों को तुरंत दोबारा खोला जाए। बजट सहित सभी औपचारिकताएं पूरी करने के उपरांत ही इन कार्यालयों को खोला गया था लेकिन यहां कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही राजनीतिक द्वेष भावना से इन कार्यालयों को बंद कर जनता के हितों के साथ खिलवाड़ किया है। पूर्व मंत्री रविंद्र रवि ने कहा कि जिन लोगों द्वारा पार्टी के प्रति गलत प्रचार प्रसार किया गया है उन पर पार्टी की ओर से कार्रवाई की जा रही है, ऐसे लोगों को जल्द ही बेनकाब किया जा रहा है।