भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, राष्ट्रपति निवास, शिमला में आज भगवान बिरसा मुंडा वर्ष की 150वीं जयंती के समापन समारोह के अवसर पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के निर्देशानुसार आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सचिव, भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, श्री मेहर चंद नेगी द्वारा स्वागत वक्तव्य के साथ हुआ। इसके उपरांत राष्ट्रीय अध्येता, प्रोफेसर रमेश चंद्र सिन्हा ने “भगवान बिरसा मुंडा के योगदान” विषय पर अपना विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया। अपने विस्तृत व्याख्यान में प्रो. सिन्हा ने भगवान बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष, औपनिवेशिक अत्याचारों के विरुद्ध उनके अदम्य प्रतिरोध, तथा आदिवासी समाज में सामाजिक चेतना के पुनर्जागरण में उनके योगदान पर गहन विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि बिरसा मुंडा भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की जन-चेतना में एक अमिट प्रेरणास्रोत के रूप में स्थापित हैं।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्येता, प्रोफेसर सचिदानंद मोहंती की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शैक्षिक एवं बौद्धिक गरिमा को और समृद्ध किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्येता, टेगोर अध्येता, अध्येता, आईयूसी सह-अध्येता, अधिकारी एवं कर्मचारीगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अखिलेश पाठक द्वारा किया गया। तथा अंत में उनके द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव दिया गया। कार्यक्रम का ऑनलाइन प्रसारण सिस्को वेबेक्स प्लेटफ़ॉर्म पर भी किया गया।