Hindi English Friday, 30 October 2026
BREAKING
• 31 अक्टूबर 2026 पंचांग: तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और शुभ मुहूर्त • 31 अक्टूबर का इतिहास: सरदार पटेल का जन्म और इंदिरा गांधी की हत्या समेत प्रमुख घटनाएं • 31 अक्टूबर 2026 राशिफल: शनिवार को कैसा रहेगा 12 राशियों का दिन? • श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर बोहन में कार्तिक महात्म्य व्रत कथा का चौथा अध्याय: जानिए क्यों भगवान मछली के समान रूप धारण कर विन्ध्यवासी कश्यप ऋषि की अञ्जलि में आ पहुंचे • 397 कैंसर दवाओं के दाम घटे, 93% तक राहत : रणधीर शर्मा • पीडीएनए के पैसे से कांग्रेस समर्थित ठेकेदार मना रहे दिवाली, भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप : रणधीर शर्मा • आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 30 अक्टूबर 2026 का पंचांग • आज ही के दिन लाहौर में साइमन कमीशन के विरोध में निकाले गए जुलूस का नेतृत्व स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय ने किया था • आज का राशिफल 30 अक्टूबर 2026 | शुक्रवार राशिफल सभी 12 राशियां • श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर बोहन में कार्तिक महात्म्य व्रत कथा का तीसरा अध्याय: जानिए क्यों भगवान श्रीकृष्ण को प्रिय है कार्तिक मास

संपादकीय

More News

पुण्यतिथी विशेष | धर्मशाला कारागार में भी कैद रहे लाला लाजपत राय, उनकी कुर्सी आज भी है यहां सलामत

Updated on Monday, November 17, 2025 07:33 AM IST

भारत को आजाद करवाने की अलख जगाने वाले लाला लाजपत राय की आज पुण्यतिथी मनाई जा रही है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में भी क्रांति का बिगुल फूंकने में अहम् भूमिका निभाई थी। अंग्रेजी हुकूमत के दौरान वह हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला की कारागार में करीब साढ़े चार माह तक बंदी रहे। उन दिनों जिला कांगड़ा पंजाब का हिस्सा हुआ करता था। व पंजाब के कैदियों को धर्मशाला जेल में रखा जाता था।

सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक धर्मशाला कारागार में स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय को 21 अगस्त 1922 से नौ जनवरी 1923 तक रखा गया था। जेल में जिस कुर्सी पर वे बैठते आज भी इसी कारागार में सलामत है। जिला जेल प्रशासन ने इस कुर्सी को सहेज कर रखा है। जिसे देखने के लिये लोग यहां आते हैं। देश को आजादी दिलाने में कई शूरवीरों ने अपनी जान की भी परवाह नहीं की। ऐसे ही एक वीर थे शेर-ए-पंजाब लाला लाजपत राय। लाला लाजपत राय भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के वह महान सेनानी थे, जिन्होंने देश सेवा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी और अपने जीवन का एक-एक कतरा देश के नाम कर दिया। अंग्रेजों की लाठियां खा कर अपनी जान कुर्बान करने वाले अमर शहीद लाला लाजपत राय को लोग आज भी याद करते हैं।

कांगड़ा के जिलाधीश हेम राज बैरवा ने बताया कि धर्मशाला कारागार में रखी गई कुर्सी को उसी बैरक में रखा गया है, जहां उस समय खुद लाला लाजपत राय रहे थे। वहीं जेल सुप्रीटेंडेंट ने कहा कि कारागार में रखी गई यह कुर्सी देश की धरोहर है। इसे सहेज कर रखने के लिये विशेष इंतजाम किये गये हैं। इस बैरक को खाली ही रखा जा रहा है। कोई दूसरा कैदी यहां नहीं रखा जाता , बाहर से ताला लगाकर रखा गया है। हम लोग यहां की नियमित साफ सफाई देखते हैं।

धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा ने कहा कि लाला लाजपत राय सिर्फ स्वतंत्रता सैनानी ही नहीं बल्कि महान समाज सुधारक और समाजसेवी भी थे। यूं तो कांग्रेस हमेशा गांधी जी के नरम सिद्धांतों पर चला लेकिन कांग्रेस में एक दल ऐसा भी था जिसे लोग गरम दल मानते थे और इसी के एक अग्रणी नेता थे लाला लाजपत राय। लाला लाजपत राय गरम मिजाज के भी थे। लेकिन इसके बावजूद भी गांधी वादियों के दिल में उनके लिए अपार स्नेह और सम्मान था। लाला लाजपत राय ऐसे शख्स थे जो गांधीवादियों के साथ-साथ भगत ङ्क्षसह और चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारियों के दिल में वास करते थे और यह क्रांतिकारी उनका सम्मान भी करते थे। तभी तो लाला जी की मौत का बदला लेने के लिए भगत िंसह और राजगुरु जैसे क्रांतिकारियों ने अपनी जान लगा दी।

30 अक्टूबर,1928 को इंग्लैंड के प्रसिद्ध वकील सर जान साइमन की अध्यक्षता में एक सात सदस्यीय आयोग लाहौर आया। उसके सभी सदस्य अंग्रेज थे। पूरे भारत में भी इस कमीशन का विरोध हो रहा था। क्योंकि सभी चाहते थे कि साइमन कमीशन में भारतीय प्रतिनिधि भी होना चाहिए। पंजाब में इस कमीशन का विरोध करने वाले दल की अगुवाई लाला लाजपत राय ने की। उनके नेतृत्व में बाल-वृद्ध, नर-नारी हर कोई स्टेशन की तरफ बढ़ते जा रहे थे। अंग्रेजों की निगाह में यह देशभक्तों का गुनाह था। साइमन कमीशन का विरोध करते हुए उन्होंने अंग्रेजों वापस जाओ का नारा दिया तथा कमीशन का डटकर विरोध जताया। इसके जवाब में अंग्रेजों ने उन पर लाठी चार्ज किया अपने ऊपर हुए प्रहार के बाद उन्होंने कहा कि उनके शरीर पर लगी एक-एक लाठी अंग्रेजी साम्राज्य के लिए कफन साबित होगी। उनके बलिदान के बाद कितने ही ऊधम िंसह और भगत िंसह तैयार हुए जिनके प्रयासों से हमें आजादी मिली।

Have something to say? Post your comment
एकीकृत ई-गवर्नेंस पहलों से डिजिटल सुशासन की दिशा में अग्रसर हिमाचल प्रदेश सरकार

शिमला : एकीकृत ई-गवर्नेंस पहलों से डिजिटल सुशासन की दिशा में अग्रसर हिमाचल प्रदेश सरकार

नारायण सूक्तम् से हेल्दी हार्ट तक: आस्था, अनुशासन और विज्ञान का अनूठा संगम

धर्मशाला : नारायण सूक्तम् से हेल्दी हार्ट तक: आस्था, अनुशासन और विज्ञान का अनूठा संगम

तकनीकी क्षेत्र में युवाओं के लिए खुल रहे समृद्धि के नए द्वार - डिजिटल आधारभूत संरचना को किया जा रहा सुदृढ़

शिमला : तकनीकी क्षेत्र में युवाओं के लिए खुल रहे समृद्धि के नए द्वार - डिजिटल आधारभूत संरचना को किया जा रहा सुदृढ़

 रेखा: खूबसूरती, संघर्ष और रहस्यमयी शख्सियत का दूसरा नाम

सिनेमा : रेखा: खूबसूरती, संघर्ष और रहस्यमयी शख्सियत का दूसरा नाम

बिना लक्षण वाले लोगों में टीबी की पहचान में मदद कर रहे हैं एआई एक्स-रे

दिल्ली : बिना लक्षण वाले लोगों में टीबी की पहचान में मदद कर रहे हैं एआई एक्स-रे

डिजिटल प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के समावेश से अपनाकर सुशासन की दिशा में अग्रसर हिमाचल प्रदेश

शिमला : डिजिटल प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के समावेश से अपनाकर सुशासन की दिशा में अग्रसर हिमाचल प्रदेश

Lata Mangeshkar 97th Birth Anniversary: सुरों की अमर आवाज को नमन

97वीं जयंती : Lata Mangeshkar 97th Birth Anniversary: सुरों की अमर आवाज को नमन

राज्य सरकार के प्रयासों से तकनीक और मूल्य संवर्धन की राह पर एचपीएमसी

शिमला : राज्य सरकार के प्रयासों से तकनीक और मूल्य संवर्धन की राह पर एचपीएमसी

कारगिल का शेर: प्वाइंट 5140 पर कैप्टन विक्रम बत्रा ने लिखी विजय की कहानी

धर्मशाला : कारगिल का शेर: प्वाइंट 5140 पर कैप्टन विक्रम बत्रा ने लिखी विजय की कहानी

राजीव गांधी: आधुनिक भारत की तकनीकी सोच को नई दिशा देने वाले युवा प्रधानमंत्री

याद : राजीव गांधी: आधुनिक भारत की तकनीकी सोच को नई दिशा देने वाले युवा प्रधानमंत्री

X