भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शनिवार है। शक संवत 1946 , विक्रमी संवत 2081, चैत्र कृष्ण, प्रतिपदा, सौर चैत्र मास प्रविष्टे 02, रमजान 14, हिजरी 1446 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 15 मार्च सन् 2025 ई॰। सूर्य उत्तरायण, दक्षिण गोल, बसन्त ऋतुः। राहुकाल प्रातः 09 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक। प्रतिपदा तिथि अपराह्न 01 बजकर 34 मिनट तक उपरांत द्वितीया तिथि का आरंभ।
उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र प्रातः 08 बजकर 54 मिनट तक उपरांत हस्त नक्षत्र का आरंभ। गण्ड योग अपराह्न 02 बजे तक उपरांत वृद्धि योग का आरंभ। कौलव करण अपराह्न 02 बजकर 34 मिनट तक उपरांत गर करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात कन्या राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार होला-मेला (श्री आनंदपुर व पाओंटा-साहिब), वसन्तोत्सव, धुलेंडी, आम्रकुसुम प्राशन।
सूर्योदय का समय - सुबह में 6 बजकर 30 मिनट तक।
सूर्यास्त का समय - शाम में 6 बजकर 29 मिनट तक।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 55 मिनट तक सुबह में 5 बजकर 43 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि रात में 12 बजकर 6 मिनट से रात में 12 बजकर 54 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 6 बजकर 27 मिनट से 6 बजकर 51 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
सबह में 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक राहुकाल रहेगा। इसी के साथ सुबह में 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। दोपहर में 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह में 8 बजे से 9 बजकर 30 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल सुबह में 6 बजकर 31 मिनट से 7 बजकर 19 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।