भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज मंगलवार है। शक संवत 1946 , विक्रमी संवत 2081, मार्गशीर्ष, कृष्णा चतुर्थी, सौर मार्गशीर्ष मास प्रविष्टे 04, रबि-उल्लावल-16, हिजरी 1446 (मुस्लिम) तदनुसार अंगे्रजी तारीख 19 नवम्बर सन् 2024 ई.। सूर्य दक्षिणायन, दक्षिण गोल, हेमन्त ऋतु। राहुकाल अपराह्न 03 बजे से 04 बजकर 30 मिनट तक।
चतुर्थी तिथि सायं 05 बजकर 29 मिनट तक उपरांत पंचमी तिथि का आरंभ। आद्र्रा नक्षत्र अपराह्न 02 बजकर 56 मिनट तक उपरांत पुनर्वसु नक्षत्र का आरंभ। साध्य योग अपराह्न 02 बजकर 56 मिनट तक उपरांत शुभ योग का आरंभ। बालव करण सायं 05 बजकर 29 मिनट तक उपरांत तैतिल करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात मिथुन राशि पर संचार करेगा।
सूर्योदय का समय- सुबह 6 बजकर 47 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम में 5 बजकर 26 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजे से 5 बजकर 54 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 53 मिनट से 2 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि रात में 11 बजकर 40 मिनट से से 12 बजकर 34 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम 5 बजकर 26 मिनट से 5 बजकर 53 मिनट तक। अमृत काल सुबह 10 बजकर 47 मिनट से 12 बजकर 7 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल दोपहर में 3 बजे से 4 बजकर 30 मिनट तक। वहीं, दोपहर में 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। सुबह में 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। दुर्मुहूर्त काल सुबह में 8 बजकर 55 मिनट से 9 बजकर 37 मिनट तक। इसके बाद रात में 10 बजकर 47 मिनट से 11 बजकर 40 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।