आज का पंचांग
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज बृहस्पतिवार है। शक संवत 1946 , विक्रमी संवत 2081, आषाढ़, कृष्ण, षष्ठी, सौर आषाढ़ मास प्रविष्टे 14, जिल्हिजा 20, हिजरी 1445 (मुस्लिम) तदनुसार अंगे्रजी तारीख 27 जून सन् 2024 ई। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। राहुकाल अपराह्न 01 बजकर 30 मिनट से 03 बजे तक।
षष्ठी तिथि सायं 06 बजकर 40 मिनट तक उपरांत सप्तमी तिथि का आरंभ। शतभिषा नक्षत्र पूर्वाह्न 11 बजकर 37 मिनट तक उपरांत पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का आरंभ। आयुष्मान योग अर्धरात्रोत्तर 12 बजकर 28 मिनट तक उपरांत सौभाग्य योग का आरंभ। गर करण प्रातः 07 बजकर 48 मिनट तक उपरांत विष्टि करण का आरंभ। चन्द्रमा अगले दिन तड़के 04 बजकर 32 मिनट तक कुंभ उपरांत मीन राशि पर संचार करेगा।
सूर्योदय का समय - सुबह 5 बजकर 25 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम में 7 बजकर 22 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 5 मिनट से 4 बजकर 45 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 44 मिनट से 3 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि रात में 12 बजकर 4 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम 7 बजकर 22 मिनट से 7 बजकर 42 मिनट तक। अमृत काल दोपहर में 2 बजकर 8 मिनट से 3 बजकर 53 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक। सुबह 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल। सुबह 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक यमगंड। दुर्मुहूर्त काल सुबह 10 बजकर 5 मिनट से 11 बजकर 1 मिनट तक। इसके बाद दोपहर में 3 बजकर 40 मिनट से 4 बजकर 35 मिनट तक। भद्राकाल का समय शाम में 6 बजकर 39 मिनट से अगले दिन (28 जून) को 5 बजकर 29 मिनट तक। पंचक पूरे दिन रहने वाला है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।