जिला कांगड़ा स्वास्थ्य विभाग द्वारा विश्व तंबाकू निषेध दिवस जोनल अस्पताल कांगड़ा में मनाया गयाl जिसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर राजेश गुलरी के निर्देशानुसार जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर वंदना ने अस्पताल में जन साधारण को तंबाकू निषेध की प्रतिज्ञा दिलवाई साथ ही साथ जागरूक करवाया की विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाने के पीछे का उद्देश्य लोगों को तंबाकू का सेवन करने से रोकने और इससे होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करना है l तंबाकू के सेवन से दुनिया में हर साल 80 लाख से ज्यादा लोगों की मृत्यु हो जाती है l बावजूद इसके लोग तंबाकू का सेवन करना बंद नहीं करते हैं l
डॉक्टर वंदना ने बताया कि तंबाकू के सेवन से मुंह का कैंसर, हार्ट डिजीज, सांस की बीमारी, गले का कैंसर, यूरिन ब्लैडर केंसर, हार्ट डिजीज जैसे खतरनाक रोग हो सकते हैं l जिससे जान भी जा सकती है l तंबाकू से होने वाले घातक परिणामों को देखते हुए हमें तंबाकू के सेवन को रोकना होगा तथा तंबाकू का प्रयोग न करने के लिए लोगों को जागरूक करना होगा l
डॉ वंदना ने बताया कि कैसे व्यक्ति नशे का शिकार होता है, और धीरे-धीरे इसका आदी हो जाता है l जब व्यक्ति नशा करता है तो हमारे शरीर में डोपामाइन नाम का हार्मोन रिलीज होता है जो थोड़े समय हमें खुशी देता है, उसके बाद व्यक्ति फिर से निराश हो जाता है l और दोबारा से नशे की तरफ बढ़ने लगता है l नशे की शुरुआत आदमी यही से करता है, इसके बाद धीरे-धीरे सभी नशे में शामिल हो जाता है l इसलिए तंबाकू के सेवन से दूर रहना ही सबसे अच्छा विकल्प है 31 मई 1988 को पहली बार विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया गया l तब से लेकर अब तक इस खास दिन को विभिन्न तरीकों से मनाया जाता है
इस साल तंबाकू निषेध दिवस की थीम है" बच्चों को तंबाकू उद्योग के हस्तक्षेप से बचाना" इसके तहत लोगों तक यह संदेश पहुंचा जाए कि बच्चों को तंबाकू की फैक्ट्री में काम ना कराया जाएl उन्होंने जन साधारण से अनुरोध किया कि इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाएं ताकि सभी बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो और देश उन्नति करेंl अंत में "जिंदगी चुने , तंबाकू नही" का नारा देते हुए यह कार्यक्रम समाप्त हुआ।