आषाढ़ मास 5 जून से लग रहा है और इस मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी कि देवशयनी एकादशी के दिन से भगवान विष्णु श्रीर सागर में 5 महीने की योग निद्रा में चले जाते हैं। उसके बाद कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी कि देवउठनी एकादशी के दिन योग निद्रा से जाग जाते हैं। इस 5 महीने की अवधि में कोई भी शुभ मांगलिक कार्य जैसे विवाह, मुंडन आदि नहीं किए जाते हैं। 23 नवंबर को देवउठनी एकादशी पर चातुर्मास का समापन होगा।