भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
17 अगस्त 2026, सोमवार को श्रावण शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है। इस दिन नाग पंचमी और सावन सोमवार का विशेष संयोग बन रहा है। धार्मिक दृष्टि से यह दिन भगवान शिव और नाग देवता की पूजा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। आइए जानते हैं 17 अगस्त 2026 का पूरा पंचांग, तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल, शुभ मुहूर्त, सूर्योदय-सूर्यास्त और आज के धार्मिक महत्व की पूरी जानकारी।17 अगस्त 2026, सोमवार को श्रावण शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि रहेगी। इस दिन **नाग पंचमी** और **सावन का तीसरा सोमवार व्रत** एक साथ पड़ रहे हैं, इसलिए धार्मिक दृष्टि से दिन का विशेष महत्व है।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज श्रावण, शुक्ल, पंचमी, सोमवार है। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 17 अगस्त 2026, राहुकाल सुबह 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजकर 00 मिनट तक।
17 अगस्त 2026 का दैनिक पंचांग
दिन:** सोमवार
तारीख:** 17 अगस्त 2026
मास:** श्रावण
पक्ष:** शुक्ल पक्ष
तिथि:** पंचमी सायं 05 बजकर 00 मिनट तक उपरांत षष्ठी तिथि का आरंभ।
नक्षत्र:** हस्त, इसके बाद चित्रा
योग:** साध्य, इसके बाद शुभ
*करण:** बालव, इसके बाद कौलव
चंद्र राशि:** कन्या, इसके बाद तुला
विक्रम संवत:** 2083
शक संवत:** 1948
ऋतु:** वर्षा
सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय लगभग - सुबह 5:50 बजे
सूर्यास्त लगभग - शाम 7:07 बजे रहेगा।
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: लगभग दोपहर 11:58 बजे से 12:50 बजे तक।
अमृत काल : रात्रि 10 बजकर 16 मिनट से रात्रि 11 बजकर 57 मिनट तक
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 03 बजकर 55 मिनट से सुबह 04 बजकर 41 मिनट तक ।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल :सुबह 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजकर 00 मिनट तक ।
गुलिक काल :दोपहर 02 बजकर 00 मिनट से 03 बजकर 30 मिनट तक ।
यमगंड :सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजकर 00 मिनट तक ।
नाग पंचमी का विशेष महत्व
17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी मनाई जाएगी। श्रावण शुक्ल पंचमी को मनाया जाने वाला यह पर्व नाग देवताओं की पूजा और भगवान शिव की आराधना से जुड़ा है। इस दिन श्रद्धालु नाग देवता की पूजा कर सुख, शांति और परिवार की मंगलकामना करते हैं।
सावन का तीसरा सोमवार
17 अगस्त को सावन का तीसरा सोमवार व्रत भी है। सावन सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र का जाप और व्रत-पूजन करना विशेष फलदायी माना जाता है। 2026 में सावन सोमवार की प्रमुख तिथियां 3, 10, 17 और 24 अगस्त हैं।
आज का धार्मिक उपाय
नाग पंचमी और सावन सोमवार के संयोग पर भगवान शिव का जलाभिषेक करें और श्रद्धापूर्वक **ॐ नमः शिवाय** मंत्र का जाप करें। नाग देवता की पूजा करते समय जीवित सांपों को दूध पिलाने के बजाय मंदिर में प्रतीकात्मक पूजा करना अधिक सुरक्षित और उचित है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।