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राजनीतिक समीकरण

ज्वालामुखी की राजनीति में वापसी को बेताब रमेश धवाला, 2027 में फिर लड़ेंगे चुनाव?
ज्वालामुखी

ज्वालामुखी की राजनीति में वापसी को बेताब रमेश धवाला, 2027 में फिर लड़ेंगे चुनाव?

पिछले विधानसभा चुनाव में देहरा से चुनाव लड़ने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता रमेश धवाला के 2027 में अपनी पुरानी राजनीतिक जमीन ज्वालामुखी लौटने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। अगर ऐसा होता है तो ज्वालामुखी की राजनीति में क्या बदलेंगे समीकरण? पढ़िए पूरी राजनीतिक पड़ताल।

 आज ही के दिन कलकत्ता शहर की स्थापना हुई
24 अगस्त का इतिहास

आज ही के दिन कलकत्ता शहर की स्थापना हुई

1608 में 24 अगस्त के दिन कैप्टन हॉकिन्स के नेतृत्व में अंग्रेजों का पहला जहाजी बेड़ा ‘हेक्टर’ भारत पहुंचा। उस समय मुगल बादशाह जहांगीर का शासन था । कहने को तो यह एक सामान्य सी घटना थी और इससे पहले भी व्यापार के लिए जहाजी बेड़े यहां से वहां आते जाते थे, लेकिन इतिहास की इस एक घटना ने भारत के मस्तक पर अंग्रेजों की गुलामी की काली रेखा खींच दी ।

आपदा में भी संवेदनहीन रही कांग्रेस सरकार, राहत छोड़ पर्यटन और राजनीतिक आयोजन में व्यस्त रहे मुख्यमंत्री व मंत्री : संदीपनी भारद्वाज
शिमला

आपदा में भी संवेदनहीन रही कांग्रेस सरकार, राहत छोड़ पर्यटन और राजनीतिक आयोजन में व्यस्त रहे मुख्यमंत्री व मंत्री : संदीपनी भारद्वाज

उन्होंने यह भी कहा कि बाल मेले के बहाने कांगड़ा में कांग्रेस के मंत्रियों के एक गुट ने रात्रि में राजनीतिक बैठक एवं पार्टी का आयोजन किया, जबकि दूसरी ओर मुख्यमंत्री धर्मशाला सर्किट हाउस में अलग-थलग पड़े रहे। यह कांग्रेस सरकार के भीतर बढ़ती गुटबाजी और नेतृत्व संकट का स्पष्ट प्रमाण है। सरकार के मंत्री जनता की समस्याओं से अधिक आपसी शक्ति प्रदर्शन और राजनीतिक समीकरण साधने में लगे हुए हैं।

ज्वालामुखी की राजनीति में ताकतवर नेता के रूप में उभरीं सोम किरण शर्मा
ज्वालामुखी

ज्वालामुखी की राजनीति में ताकतवर नेता के रूप में उभरीं सोम किरण शर्मा

सोम किरण शर्मा विज्ञान स्नातक हैं और लंबे समय तक शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी रही हैं। शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने के कारण उन्हें समाज की जरूरतों और लोगों की समस्याओं की अच्छी समझ है। यही कारण है कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने विकास, स्वच्छता, शिक्षा और महिलाओं की भागीदारी जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। लोगों ने भी उनके विचारों और कार्यशैली पर भरोसा जताते हुए उन्हें भारी समर्थन दिया।

ज्वालामुखी नगर परिषद चुनाव 2026: 17 मई को मतदान, इस बार 9 वार्डों में होगा मुकाबला
धर्मशाला

ज्वालामुखी नगर परिषद चुनाव 2026: 17 मई को मतदान, इस बार 9 वार्डों में होगा मुकाबला

इस बार चुनाव 17 मई को आयोजित होंगे और खास बात यह है कि नगर परिषद में वार्डों की संख्या बढ़ाकर 9 कर दी गई है, जिससे चुनावी मुकाबला पहले से ज्यादा रोचक होने की उम्मीद है। यह चुनाव हिमाचल प्रदेश के 51 शहरी निकायों के साथ आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें आचार संहिता (MCC) पहले ही लागू हो चुकी है।

ज्वालामुखी नगर परिषद चुनाव: वार्ड 4 से सोशल वर्कर दीप्ति शर्मा की दावेदारी, जनसंपर्क अभियान तेज
धर्मशाला

ज्वालामुखी नगर परिषद चुनाव: वार्ड 4 से सोशल वर्कर दीप्ति शर्मा की दावेदारी, जनसंपर्क अभियान तेज

राजनीतिक दृष्टि से भी उनकी दावेदारी को अहम माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर दीप्ति शर्मा को विधायक Sanjay Rattan का करीबी माना जाता है। ज्वालामुखी की राजनीति में विधायक का प्रभाव और दबदबा लंबे समय से देखा जाता रहा है, ऐसे में दीप्ति शर्मा की उम्मीदवारी को इस नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ज्वालामुखी नगर परिषद चुनाव: स्थानीय राजनीति में बढ़ी हलचल
धर्मशाला

ज्वालामुखी नगर परिषद चुनाव: स्थानीय राजनीति में बढ़ी हलचल

चुनाव के दौरान शहर के विकास से जुड़े मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए जाते हैं। इनमें पेयजल व्यवस्था, सीवरेज प्रणाली, सफाई व्यवस्था, सड़क और पार्किंग की समस्या तथा पर्यटन सुविधाओं का विस्तार प्रमुख हैं। ज्वालामुखी एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल होने के कारण यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर भी नगर परिषद की भूमिका अहम मानी जाती है।

आज ही के दिन कैप्टन हॉकिन्स के नेतृत्व में अंग्रेजों का पहला जहाजी बेड़ा हेक्टर भारत पहुंचा था
आज का इतिहास

आज ही के दिन कैप्टन हॉकिन्स के नेतृत्व में अंग्रेजों का पहला जहाजी बेड़ा हेक्टर भारत पहुंचा था

1608 में 24 अगस्त के दिन कैप्टन हॉकिन्स के नेतृत्व में अंग्रेजों का पहला जहाजी बेड़ा हेक्टर भारत पहुंचा। उस समय मुगल सम्राट जहांगीर का शासन था । कहने को तो यह एक सामान्य सी घटना थी और इससे पहले भी व्यापार के लिए जहाजी बेड़े यहां से वहां आते जाते थे

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