ज्वालामुखी नगर परिषद चुनाव: स्थानीय राजनीति में बढ़ी हलचल
कांगड़ा जिले के प्रसिद्ध धार्मिक नगर ज्वालामुखी में नगर परिषद चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। माता ज्वालामुखी मंदिर के कारण देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के चलते यह नगर परिषद क्षेत्र विकास और पर्यटन की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में नगर परिषद चुनाव स्थानीय राजनीति के साथ-साथ शहर के विकास की दिशा भी तय करते हैं।
ज्वालामुखी नगर परिषद में कुल सात वार्ड शामिल हैं, जिनसे पार्षद चुने जाते हैं। इन पार्षदों के माध्यम से ही नगर परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन किया जाता है। हर चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ-साथ कई निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में उतरते हैं, जिससे मुकाबला काफी दिलचस्प हो जाता है। हालांकि इस बार वार्ड परिसीमन हुआ , तो साथ लगती पंचायतों के हिस्से को मिलाकर नौ वार्ड होने की भी संभावना है।
नगर परिषद चुनावों में मुख्य मुकाबला आमतौर पर Indian National Congress और Bharatiya Janata Party के उम्मीदवारों के बीच देखने को मिलता है। हालांकि कई बार स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनावी समीकरण बदल देते हैं।
चुनाव के दौरान शहर के विकास से जुड़े मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए जाते हैं। इनमें पेयजल व्यवस्था, सीवरेज प्रणाली, सफाई व्यवस्था, सड़क और पार्किंग की समस्या तथा पर्यटन सुविधाओं का विस्तार प्रमुख हैं। ज्वालामुखी एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल होने के कारण यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर भी नगर परिषद की भूमिका अहम मानी जाती है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि नगर परिषद के मजबूत और सक्रिय नेतृत्व से शहर के विकास को नई गति मिल सकती है। पिछले कुछ वर्षों में शहर में सड़क सुधार, सफाई व्यवस्था और पर्यटन सुविधाओं को लेकर कई योजनाएं शुरू की गई हैं, लेकिन अभी भी कई क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
चुनावों के नजदीक आते ही विभिन्न दलों के संभावित उम्मीदवारों ने अपने-अपने वार्डों में जनसंपर्क अभियान भी तेज कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर बैठकों और जनसभाओं के माध्यम से मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिशें शुरू हो चुकी हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ज्वालामुखी नगर परिषद चुनाव केवल स्थानीय निकाय का चुनाव नहीं बल्कि क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित करने वाला माना जाता है। इसलिए आने वाले समय में यहां चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।