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बुद्ध पूर्णिमा

कूर्म जयंती 2026 (Kurma Jayanti 2026):तिथि: 01 मई 2026

कूर्म जयंती 2026 (Kurma Jayanti 2026):तिथि: 01 मई 2026

वैशाख पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु के द्वितीय अवतार 'कूर्म' की जयंती मनाई जाती है। समुद्र मंथन के समय जब मंदराचल पर्वत डूबने लगा था, तब श्रीहरि ने कछुए का रूप धारण कर उसे अपनी पीठ पर संभाला था। यह अवतार धैर्य और स्थिरता का प्रतीक है। कूर्म जयंती पर पूजन करने से जीवन में स्थिरता आती है और रुके हुए कार्य सिद्ध होते हैं।

बुद्ध पूर्णिमा 2026: शांति, करुणा और ज्ञान का संदेश देने वाला पावन पर्व
बुद्ध पूर्णिमा

बुद्ध पूर्णिमा 2026: शांति, करुणा और ज्ञान का संदेश देने वाला पावन पर्व

उनकी शिक्षाएं—अहिंसा, मध्यम मार्ग, अष्टांगिक मार्ग और चार आर्य सत्य—आज भी समाज को सही दिशा दिखाती हैं। बुद्ध पूर्णिमा हमें जीवन में संतुलन, धैर्य और आत्मचिंतन का महत्व समझाती है।

 आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 1 मई 2026 का पंचांग
आज का पंचांग

आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 1 मई 2026 का पंचांग

वैशाख पूर्णिमा को सनातन धर्म में अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इस दिन किया गया स्नान, दान और जप कई गुना फल देता है। साथ ही यह दिन बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए भी अत्यंत पवित्र है।

30 अप्रैल का इतिहास: हिटलर की आत्महत्या से लेकर साइगॉन के पतन तक, जानें इस दिन की बड़ी घटनाएं
आज का इतिहास

30 अप्रैल का इतिहास: हिटलर की आत्महत्या से लेकर साइगॉन के पतन तक, जानें इस दिन की बड़ी घटनाएं

30 अप्रैल का दिन विश्व इतिहास में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए जाना जाता है। इस दिन जहां एक ओर Adolf Hitler ने आत्महत्या कर World War II के अंत की दिशा तय की, वहीं दूसरी ओर Fall of Saigon के साथ Vietnam War का अंत भी इसी दिन हुआ।

2026 में पूर्णिमा की प्रमुख तिथियाँ:
पूर्णिमा

2026 में पूर्णिमा की प्रमुख तिथियाँ:

पूर्णिमा हिंदू कैलेंडर के शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि है जब आकाश में पूरा चंद्रमा (100% प्रकाशित) दिखाई देता है। यह एक अत्यंत पवित्र दिन माना जाता है जो मानसिक शांति समृद्धि और भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की पूजा के लिए जाना जाता है। हिंदू परंपरा में इस दिन पवित्र स्नान और दान का विशेष महत्व है

मुख्यमंत्री ने भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को अपनाने का किया आह्वान
शिमला

मुख्यमंत्री ने भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को अपनाने का किया आह्वान

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विद्यालय से जुड़ी अपनी यादों को साझा किया। उन्होंने कहा कि ‘मैंने शिमला नगर निगम में 10 वर्षों तक पार्षद के रूप में कार्य किया है। मेरे कई मित्रों ने इसी स्कूल से शिक्षा ग्रहण की है और सर्दियों की छुट्टियों में हम यहीं क्रिकेट खेला करते थे’।

महात्मा बुद्ध की शिक्षाएं हम सबको नैतिक मूल्यों पर आधारित जीवन जीने के लिए प्रेरित करती हैं : नंदा
शिमला

महात्मा बुद्ध की शिक्षाएं हम सबको नैतिक मूल्यों पर आधारित जीवन जीने के लिए प्रेरित करती हैं : नंदा

 जिन ठिकानों पर हमले किए, उनके नाम कुछ इस प्रकार है जैसे पसरूर एयर डिफेंस रडार, चुनियन एयर डिफेंस रडार, आरिफवाला एयर डिफेंस रडार, सरगोधा एयरफील्ड, रहमियार खान एयरफील्ड, कलाला एयरफील्ड (नूर खान), सुक्कुर एयरफील्ड, भोलारी एयरफील्ड और जैकोबाबाद एयरफील्ड। यह दिखाता है नए भारत का बल जिसने पाकिस्तान की नींव तक हिला कर रख दी।

भगवान बुद्ध की शिक्षाएं आज और भी अधिक प्रासंगिक: राज्यपाल
शिमला

भगवान बुद्ध की शिक्षाएं आज और भी अधिक प्रासंगिक: राज्यपाल

राज्यपाल ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान बुद्ध द्वारा दी गई करूणा, शांति तथा मोक्ष की शिक्षाएं समय, संस्कृति तथा सरहदों से परे करोड़ों लोगों को आत्मिक शांति तथा सार्वभौमिक भाईचारे के पथ पर चलने के लिए प्ररित कर रही हैं। 

आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 23 मई का पंचाग
आज का पंचांग

आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 23 मई का पंचाग

कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।

आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं  05 मई  का पंचांग
आज का पंचांग

आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 05 मई का पंचांग

पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। आज हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार है। 

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