उन्होंने कहा की भाजपा अपनी विचारधारा, अपने एजेंडा और अपने कार्यक्रम के साथ अडिग है। कईं साथी आते हैं, कईं साथी चले जाते हैं। भाजपा ने कभी किसी साथी को एनडीए से नहीं निकाला है, हमनें हमेशा गठबंधन का धर्म निभाया है। ये चुनाव एनडीए बनाम इंडी गठबंधन नहीं बल्कि घोर निराशा और उज्ज्वल भविष्य के बीच है।