आज आषाढ़ शुक्ल चतुर्दशी है। इस दिन भगवान शिव की आराधना, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र का जाप तथा शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। सायंकाल पूर्णिमा तिथि प्रारंभ होने के साथ ही गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व निकट आ जाता है, इसलिए गुरु पूजन एवं आध्यात्मिक साधना की तैयारियां भी आज से प्रारंभ की जा सकती हैं।