मंगलवार | आषाढ़ मास | शुक्ल पक्ष | चतुर्दशी तिथि
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना गया है। पंचांग के अनुसार ही शुभ कार्यों, पूजा-पाठ, व्रत, यात्रा और मांगलिक कार्यों का समय निर्धारित किया जाता है। आइए जानते हैं 28 जुलाई 2026 (मंगलवार) का संपूर्ण पंचांग।
पंचांग के अनुसार आज आषाढ़, शुक्ल, चतुर्दशी, मंगलवार है । सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083,28 जुलाई 2026 ,राहुकाल दोपहर 03 बजकर 30 मिनट से सायं 05 बजकर 00 मिनट तक।
📅 28 जुलाई 2026 का पंचांग
वार: मंगलवार
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
मास: आषाढ़
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: शुक्ल चतुर्दशी (सायं लगभग 6:17 बजे तक), इसके बाद पूर्णिमा तिथि प्रारंभ
नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा (दोपहर लगभग 1:01 बजे तक), तत्पश्चात उत्तराषाढ़ा
योग: विष्कम्भ योग (रात्रि लगभग 11:31 बजे तक), इसके बाद प्रीति योग
करण: वणिज, इसके बाद विष्टि (भद्रा)
🌅 सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय: प्रातः 5:40 बजे (लगभग)
सूर्यास्त: सायं 7:14 बजे (लगभग)
⏰ शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 3:55 बजे से 4:41 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:55 बजे तक
विजय मुहूर्त: अपराह्न 3:39 बजे से 4:41 बजे तक
अमृत काल: प्रातः 7:50 बजे से 9:37 बजे तक
⚠️ अशुभ मुहूर्त
राहुकाल : दोपहर 03 बजकर 30 मिनट से 05 बजकर 00 मिनट तक ।
गुलिक काल : दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से 01 बजकर 30 मिनट तक ।
यमगंड : सुबह 09 बजकर 00 मिनट से 10 बजकर 30 मिनट तक ।
🌙 आज का धार्मिक महत्व
आज आषाढ़ शुक्ल चतुर्दशी है। इस दिन भगवान शिव की आराधना, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र का जाप तथा शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। सायंकाल पूर्णिमा तिथि प्रारंभ होने के साथ ही गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व निकट आ जाता है, इसलिए गुरु पूजन एवं आध्यात्मिक साधना की तैयारियां भी आज से प्रारंभ की जा सकती हैं।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।