नवरात्रि के प्रथम दिन श्रद्धालु प्रातःकाल शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना कर मां शैलपुत्री की पूजा करेंगे। इसके बाद प्रतिदिन मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना, दुर्गा सप्तशती का पाठ, देवी कवच, सिद्ध कुंजिका स्तोत्र तथा देवी मंत्रों का जाप किया जाएगा। मंदिरों और घरों में विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन भी होगा।