प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी में आज गुरूवार से माघ मास के गुप्त नवरात्र का विधिवत शुभारंभ हुआ।
गुप्त नवरात्र का विधिवत आरंभ कन्या पूजन के साथ विधायक ज्वालामुखी संजय रत्न, मंदिर अधिकारी मनोहर लाल शर्मा, तहसीलदार व कार्यकारी एस डी एम अंशु चंदेल और अन्य न्यास सदस्यों की ओर से विधिवत पूजा अर्चना के साथ किया गया। इसके साथ ही पुजारी और विद्वान पंडितों को माता के जप पाठ का विधिवत संकल्प भी दिलवाया गया।
इस उपलक्ष्य में यहां विश्व कल्याण और विश्व शांति के लिए जप, पूजा और पाठ लगातार आठ दिन तक होगा। विधायक संजय रत्न ने विधिवत पूजा अर्चना के बाद कन्या पूजन भी किया।
गुप्त नवरात्रि का समापन 7 फरवरी को होगा। माघ की यह नवरात्रि शक्ति उपासना के लिए बहुत श्रेष्ठ मानी जाती है। माघ गुप्त नवरात्रि में साधतक देवी मां की 10 महाविद्याओं की गुप्त रूप से साधना करते हैं। शारदीय नवरात्रि में किए जाने वाले अधिकांश अनुष्ठान और विधि-विधानों का पालन माघ गुप्त नवरात्रि के समय भी किया जाता है। घटस्थापना मुहूर्त माघ गुप्त नवरात्रि में भी किया जाता है।
गुप्त नवरात्रि के दैरान इन दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है। दस महाविद्याएं देवी इस प्रकार से हैं- काली, तारा, छिन्नमस्ता, षोडशी, भुवनेश्वरी, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी या कमला। मान्यता है कि देवी मां कि इन 10 महाविद्याओं की पूजा करने से मनुष्य को विशेष सिद्धियां प्राप्त होती हैं और जीवन की सभी परेशानियों से छुटकारा मिलता है।