जमदग्नि ऋषि की तपस्थली तत्तापानी में लोहड़ी मकर संक्रांति के ऐतिहासिक अवसर पर प्रदेश तथा पड़ोसी राज्यों से श्रद्धालुओं तथा सैलानियों ने आज यहां पवित्र स्नान किया। और यहां शिमला की एक समाज सेवी संस्था की ओर से आयोजित भ्ांडारे में खिचडी का प्रसाद ग्रहण किया।
एक तरफ जहां श्रद्धालु मकर संक्रांति तथा लोहड़ी के मौके पर पुण्य स्नान तुलादान के लिए पूजा अर्चना सहित लगे रहे, तो वहीं दूसरी तरफ वॉटर स्पोर्ट्स की गतिविधियों का लुत्फ उठाने के लिए सैलानियों की भी भारी भीड़ यहां देखी गई। इसके साथ ही यहां शिमला के डीडीबीएल टरस्ट की ओर से आयोजित भ्ांडारे में खिचडी का प्रसाद भी लोगों ने ग्रहण किया। करीब 550 किलोग्राम खिचडी यहां आज बनी थी।
गौरतलब है कि लोहड़ी मकर संक्रांति मेले के अवसर पर तत्तापानी में पुण्य स्नान तथा तुलादान का बहुत बड़ा महत्त्व धार्मिक दृष्टि से रहता है। आज के दिन यहां प्रदेश के सभी जिलों से हजारों लोग पुण्य स्नान के लिए पहुंचते हैं तथा गर्म पानी के चश्मो में पुण्य स्नान की डुबकी लगाकर पूजा अर्चना करते हैं।
यहां बता दें कि एक तरफ सतलुज नदी का बर्फ सा ठंडा पानी है, तो वहीं सतलुज के किनारे पर गर्म पानी के औषधि युक्त जल कुंड है, जहां पर बीती रात से ही स्नान करने वालों की भारी भीड़ लग रही है और गर्म पानी के जल कुंडों के समीप दर्जनों तुलादान भी स्थापित किए गए हुए हैं।
लोहड़ी मकर संक्रांति पर खिचड़ी का बहुत महत्त्व रहता है तथा लगभग 1995 किलो खिचड़ी का गिनीज बुक वाला रिकॉर्ड भी तत्तापानी के नाम दर्ज हो चुका है,