प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्दर सिंह सुक्खू ने आज कहा कि हम सदन में चरचा के लिये तैयार हैं। इस नाजुक समय में राजनिति नहीं होनी चाहिये। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आज शुरू हो गया है।
यह चौदहवीं विधानसभा का तीसरा सत्र है। यह 25 सितंबर तक चलेगा। इसमें सात बैठकें होंगी। शनिवार को आम तौर पर सत्र के दौरान अवकाश रहता है पर इस बार अवकाश नहीं होगा। केवल रविवार को ही अवकाश होगा। पिछले साल मानसून सत्र में केवल चार बैठकें हुईं।
उस वक्त यह सत्र भी एक महीने पहले हो गया था। यानी अगस्त में ही आयोजित हुआ। इस बार यह आपदा के चलते एक महीने से ज्यादा देरी से हो रहा है। दिवंगत विधायक खूबराम को श्रद्धांजलि देते हुए सदन में शोकोद्गार प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। जयराम, आनी के विधायक लोकेंद्र कुमार ने भी चर्चा में भाग लिया।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इस आपदा में 441 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। कुल्लू में लारजी प्रोजेक्ट को बहुत क्षति पहुंची है। प्रदेश के बिजली प्रोजेक्टों को 1000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री के वक्तव्य के बीच विपक्ष ने वाकआउट कर दिया। विपक्ष के बाहर जाने के बाद सीएम सुक्खू ने कहा कि आपदा के वक्त भाजपा के लोग कह रहे थे कि मानसून सत्र बुलाया जाए। आज ये सत्र में गंभीर नहीं है। सरकार ने नियम 102 के तहत प्रस्ताव दिया। इन लोगों के प्रस्ताव को भी अटैच किया गया है। इन्हें चर्चा में भाग लेना चाहिए। मगर ये गंभीर नहीं हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान आपदा के कारण राज्य के संसाधन गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से भी मुलाकात की है। प्रदेश को एक राहत पैकेज की तुरंत आवश्यकता है। इससे पूर्व कभी ऐसी आपदा नहीं हुई। यह आपदा भुज भूकंप, केदारनाथ आपदा और जोशीमठ भूमि रिसाव से भी बड़ी है। इन्हीं की तर्ज पर हिमाचल की इस आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाना चाहिए।
वह सभी प्रदेशवासियों का धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने बढ़-चढ़कर योगदान दिया। वह विभिन्न सरकारों का भी योगदान देने के लिए धन्यवाद करते हैं। एक व्यक्ति मेरे पास आया और बोला कि जीवन में कभी किसी को चाय नहीं पिलाई, उन्होंने भी योगदान दिया। वह इसका धन्यवाद करते हैं। भाजपा विधायकों ने तो एक महीने का वेतन अभी तक नहीं दिया है। बच्चों ने गुल्लक तोड़कर मदद की है। विपक्ष सदन में लौटा तो बोले कि अच्छा हुआ कि भाजपा विधायक प्रस्ताव पेश करने के समय आ गए।
प्राकृतिक आपदा प्रभावितों के लिए प्रदेश सरकार विशेष राहत पैकेज लाएगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विधानसभा में यह घोषणा की। सदन में आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का सरकारी संकल्प प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने विपक्षी विधायकों से भी संकल्प का समर्थन करने का आग्रह किया।