राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कथोग में लगे भूकंप के झटके सभी सुरक्षित
आज प्रातः 9:45 पर स्कूल परिसर में मॉक ड्रिल भूकंप का अभ्यास सुश्री अनुराधा रानी प्रवक्ता गणित के नेतृत्व में कुशलता से किया गया |
इस विषय पर जानकारी देते हुए स्कूल के प्रधानाचार्य राजेश कुमार ने बताया कि स्कूल की आपदा प्रबंधन की टीमें पहले ही बना ली गई थीं सायरन बजने के साथ ही पूरे स्कूल में हलचल मच गई ऐसा लग रहा था कि जैसे सच में भूकंप आया हो रेस्क्यू टीमों ने अपना कार्यभार भलीभांति निभाया।
वरिष्ठ प्रवक्ता अंग्रेजी सतिंदर भूषण ने बच्चों को आपदा से बचने के तरीकों की विस्तृत जानकारी दी सतिंदर भूषण ने बताया कि मॉक ड्रिल को केवल अभ्यास भर नहीं बल्कि वास्तविक घटना की तरह ही लें तथा असल आपदा के समय की परिस्थिति के मुताबिक ही प्रतिक्रिया करें। इससे सुधार की दृष्टि से प्रतिक्रिया में लगने वाले समय, समन्वय में गैप समेत अन्य कमियों की सही पहचान हो सकेगी, जिससे आपदा प्रबंधन योजना को आगे और कारगर बनाने में मदद मिलेगी। यह मॉक ड्रिल किसी भी आपदा के दौरान नुकसान के न्यूनीकरण में काफी मददगार साबित होगी | सतिंदर भूषण ने कहा कि किसी भी आपदा के दौरान स्थानीय लोगों के साथ-साथ पंचायत प्रतिनिधियों की अहम भूमिका रहती है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय स्थानीय लोग पहली प्रतिक्रिया टीम के तौर पर कार्य करते हैं। ऐसे में पंचायत या ग्रामीण स्तर पर आपदा प्रबंधन में स्वयंसेवकों तथा पंचायत प्रतिनिधियों का प्रशिक्षित होना बेहद जरूरी हो जाता है।