प्रदेश के मंदिरों को मास्टर प्लान के तहत व व्यवस्थित तरीके से कार्य को पूर्ण किया जाएगा
प्रदेश के मंदिरों को मास्टर प्लान के तहत व व्यवस्थित तरीके से कार्य को पूर्ण किया जाएगा।जिससे मंदिरों में आने वाले श्रद्धालु और मंदिर प्रबंधन कमेटी को असुविधा का सामना ना करना पड़े। pic.twitter.com/mv80I5vodv — Mukesh Agnihotri (@Agnihotriinc) April 5, 2023
प्रदेश के मंदिरों को मास्टर प्लान के तहत व व्यवस्थित तरीके से कार्य को पूर्ण किया जाएगा।जिससे मंदिरों में आने वाले श्रद्धालु और मंदिर प्रबंधन कमेटी को असुविधा का सामना ना करना पड़े। pic.twitter.com/mv80I5vodv
Deputy C M मुकेश अग्निहोत्री ने ऐलान किया कि हिमाचल प्रदेश में सभी मंदिरों के विकास के लिए मास्टर प्लान बनेगा यानि मास्टर प्लान के तहत ही मंदिरों का नियोजित ढंग से विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी तक छोटे-छोटे टुकड़ों में किए कार्यों पर बहुत अधिक पैसा खर्च किया जा चुका है और उसके अपेक्षित परिणाम नहीं निकले हैं। ऐसे में अब इन मंदिरों में अलग-अलग हिस्सों में विकास कार्य नहीं होंगे।
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक सुदर्शन सिंह बबलू के सवाल के जवाब में कही। उन्होंने कहा कि वैष्णो देवी मंदिर पूरे देश में श्रद्धा व सुविधा के लिए माना गया है। इसी तरह प्रदेश के मंदिरों को भी मास्टर प्लान के तहत विकसित किया जाएगा। इससे पहले मूल प्रश्न के जवाब में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि माता चिंतपूर्णी मंदिर परिसर में निर्माण कार्यों के लिए 7.32 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं और इसके लिए 5.46 करोड़ रुपए की लागत से 1669 वर्ग मीटर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। इसके अलावा दुकानों के निर्माण पर भी 1.86 करोड़ रुपए, सीवरेज के लिए 16 करोड़ रुपए, पेयजल योजना पर 12.24 करोड़ रुपए और म्यूजियम के लिए 11.21 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में माता चिंतपूर्णी में भव्य श्रद्धा का केंद्र स्थापित करेंगे। साथ ही मंदिर से मुबारिकपुर तक की सड़क पर रोड साइड एमिनिटीज विकसित करने पर भी काम किया जा रहा है। विधायक यादविंद्र गोमा के एक अन्य सवाल के जवाब में मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार आशापुरी सहित उन सभी सरकारी नियंत्रण वाले मंदिरों में पुजारी नियुक्त करने की व्यवस्था करेगी, जहां अभी पूजा नहीं हो रही है।
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक सुदर्शन सिंह बबलू के सवाल के जवाब में कही। उन्होंने कहा कि वैष्णो देवी मंदिर पूरे देश में श्रद्धा व सुविधा के लिए माना गया है। इसी तरह प्रदेश के मंदिरों को भी मास्टर प्लान के तहत विकसित किया जाएगा। इससे पहले मूल प्रश्न के जवाब में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि माता चिंतपूर्णी मंदिर परिसर में निर्माण कार्यों के लिए 7.32 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं और इसके लिए 5.46 करोड़ रुपए की लागत से 1669 वर्ग मीटर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। इसके अलावा दुकानों के निर्माण पर भी 1.86 करोड़ रुपए, सीवरेज के लिए 16 करोड़ रुपए, पेयजल योजना पर 12.24 करोड़ रुपए और म्यूजियम के लिए 11.21 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में माता चिंतपूर्णी में भव्य श्रद्धा का केंद्र स्थापित करेंगे। साथ ही मंदिर से मुबारिकपुर तक की सड़क पर रोड साइड एमिनिटीज विकसित करने पर भी काम किया जा रहा है। विधायक यादविंद्र गोमा के एक अन्य सवाल के जवाब में मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार आशापुरी सहित उन सभी सरकारी नियंत्रण वाले मंदिरों में पुजारी नियुक्त करने की व्यवस्था करेगी, जहां अभी पूजा नहीं हो रही है।