हिमाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अगिनहोत्री शनिवार को जालंधर संसदीय उप चुनावों के आयोजित पार्टी की बैठक में शनिवार को शामिल होंगे। व उप चुनावों के लिये कांग्रेस पार्टी की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री को इस सीट पर प्रभारी बनाया है। जनवरी महीने में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान जांलधर से कांग्रेस सांसद संतोख सिंह चौधरी का निधन हो गया था। उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। इसके बाद से यह सीट रिक्त है। अब यहां उपचुनाव होने हैं। कांग्रेस किसी भी हाल में अपनी यह सीट खोना नहीं चाहती है। उम्मीद यह भी जताई जा रही है कि इसी बीच नगर निगम चुनाव भी हो सकता है।
यही वजह है कि कांग्रेस पूरी तरह से किलेबंदी में लगी है। दिवगंत सांसद संतोख सिंह चौधरी की पत्नी करमजीत कौर को टिकट दिया है संतोख चौधरी एक समृद्ध राजनीतिक विरासत वाले परिवार से ताल्लुक रखते थे. उनके पिता मास्टर गुरबंत सिंह सात बार विधायक और पंजाब के पूर्व कृषि मंत्री भी रहे. संतोख चौधरी के बड़े भाई जगजीत सिंह चौधरी पांच बार विधायक और स्थानीय निकाय मंत्री रहे. उनके बेटे विक्रमजीत सिंह भी फिल्लौर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक हैं. संतोख चौधरी 2014 और 2019 में लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए थे. वह तीन बार विधायक के साथ-साथ 1992 और 2002 में कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे थे।
अग्निहोत्री ने कहा कि हम जहां जाते हैं, वहां जीत निश्चित हो जाती है. अग्निहोत्री ने कहा कि वे जीत को लेकर जल्द रोडमैप तैयार करेंगे. सभी नेताओं के साथ मिलकर बैठक की जाएगी. बता दें कि साल 2019 में जालंधर लोकसभा सीट कांग्रेस पार्टी जीती थी. इस पर दोबारा जीत हासिल करने की चुनौती रहने वाली है. पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन खास नहीं रहा. ऐसे में अब अग्निहोत्री का अनुभव पंजाब कांग्रेस के काम आने वाला है.
अब तक कोई भी चुनाव नहीं हारे हैं अग्निहोत्री
पत्रकार से राजनेता बने मुकेश अग्निहोत्री अपने राजनीतिक जीवन में आज तक कोई चुनाव नहीं हारे हैं. साल 2003 से लेकर साल 2022 तक उन्होंने लगातार पांच चुनाव में जीत हासिल की. इससे पहले कांग्रेस पार्टी ने उन्हें लगातार जीत हासिल करने का मंत्र देने के लिए दिल्ली की एक विशेष कार्यशाला में भी आमंत्रित किया था. मुकेश अग्निहोत्री की पंजाबी में भी अच्छी पकड़ है. वे जिला ऊना से संबंध रखते हैं और ऊना की बोली भी पंजाबी ही है. ऐसे में मुकेश अग्निहोत्री अपनी बेहतर पंजाबी का इस्तेमाल करेंगे. साथ ही जिस तरह वे विपक्षी पार्टियों पर हमलावर रहते हैं, उसका इस्तेमाल भी इन उपचुनाव में भरपूर किया जाएगा. हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को जीत दिलाने के बाद अब अग्निहोत्री के सामने जालंधर लोकसभा उपचुनाव जीतने की चुनौती है.