दिल्ली शराब घोटाला मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई (CBI Probe in Delhi Liquor Case) ने 26 फरवरी को शाम 7:15 बजे डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia Arrest) को गिरफ्तार किया। आठ घंटे की पूछताछ के बाद सीबीआई ने ये गिरफ्तारी की है। सीबीआई ने सिसोदिया के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी करने का इरादा और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की है।
सीबीआई ने दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को शराब घोटाला मामले में अपनी रडार पर लिया। एजेंसी ने 19 फरवरी को CRPC की धारा 41-A के तहत पूछताछ के लिए समन जारी किया था। फिर सीबीआई मुख्यालय में आठ घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें आईपीसी की धारा 120-B (आपराधिक साजिश), 477-A (धोखाधड़ी करने का इरादा) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 के तहत गिरफ्तार किया गया।
IPC की धारा 120-B के तहत आरोप सिद्ध होने के बाद 6 महीने की कैद या जुर्माने का प्रावधान है। धारा 7 के तहत ज्यादा से ज्यादा पांच साल और कम से कम 6 महीने की कैद से दंडित किया जाता है। इसके अलावा 477-A में 7 साल की कैद या जुर्माना या फिर दोनों से दंडित करने का प्रावधान है।डिप्टी सीएम को दिल्ली के राउज एवेंयू कोर्ट ने बड़ा झटका देते हुए 5 दिनों के सीबीआई रिमांड पर भेजा गया है। सीबीआई ने कोर्ट से पांच दिनों की रिमांड मांगी थी। कोर्ट ने सीबीआई की मांग को स्वीकार करते हुए सिसोदिया को पांच दिनों की रिमांड पर भेजा।
दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया अगर लंबे समय तक जेल में रहते हैं तो दिल्ली के बजट सत्र पर संकट के बादल छा सकते हैं। दिल्ली के अहम विभाग सिसोदिया के पास हैं। ऐसे में उनकी गैरमौजूदगी से सवाल ये खड़ा हो रहा है कि अब बजट कौन पेश करेगा? स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद सिसोदिया ही एक ऐसा भरोसेमंद चेहरा थे जो बजट की जिम्मेदारी संभाल सकते थे। लेकिन अब उनकी गिरफ्तारी से सरकार के लिए बजट के लिए फैसला लेना कठिन होगा।