# पंजाब विधानसभा चुनाव 2027: आम आदमी पार्टी ने 40 उम्मीदवारों की पहली सूची की जारी, मुख्यमंत्री भगवंत मान धूरी से लड़ेंगे चुनाव
**चंडीगढ़:** पंजाब में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने शनिवार को 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी। मुख्यमंत्री भगवंत मान एक बार फिर संगरूर जिले की धूरी विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरेंगे। इस घोषणा के साथ ही आम आदमी पार्टी पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवार घोषित करने वाली पहली प्रमुख पार्टी बन गई है।
पार्टी की ओर से जारी सूची में कई मौजूदा विधायकों और वरिष्ठ नेताओं को दोबारा चुनाव मैदान में उतारा गया है। पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को कोटकपूरा से उम्मीदवार बनाया गया है, जबकि मंत्री संजीव अरोड़ा को लुधियाना वेस्ट से टिकट दिया गया है।
पहली सूची में अमनशेर सिंह शेरी कलसी को बटाला, कुलदीप सिंह धालीवाल को अजनाला, डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर को अमृतसर साउथ, हरमीत सिंह संधू को तरनतारन, सरवन सिंह धुन को खेमकरण, बलकार सिंह को करतारपुर और ब्रह्म शंकर जिम्पा को होशियारपुर से उम्मीदवार घोषित किया गया है।
इसी तरह दिनेश चड्ढा को रूपनगर, लखबीर सिंह राय को फतेहगढ़ साहिब, अशोक पराशर पप्पी को लुधियाना सेंट्रल, मदन लाल बग्गा को लुधियाना नॉर्थ, जगदीप कंबोज गोल्डी को जलालाबाद, बलजिंदर कौर को तलवंडी साबो, गुरप्रीत सिंह बनावाली को सरदूलगढ़, लाभ सिंह उगोके को भदौड़ और जसवंत सिंह गज्जन माजरा को अमरगढ़ से टिकट दिया गया है।
पार्टी ने पटियाला से अजीतपाल सिंह कोहली को चुनाव मैदान में उतारा है। पहली सूची में माझा, दोआबा और मालवा क्षेत्र की विभिन्न विधानसभा सीटों को शामिल किया गया है।
उल्लेखनीय है कि पंजाब विधानसभा में कुल 117 सीटें हैं। आम आदमी पार्टी ने फिलहाल 40 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं, जबकि शेष 77 सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा होना बाकी है।
उम्मीदवारों के चयन से पहले पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब मामलों के प्रभारी मनीष सिसोदिया सहित वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली में बैठक की थी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा था कि उम्मीदवारों के चयन में जनता की प्रतिक्रिया और विधायकों के कामकाज को आधार बनाया जाएगा।
2027 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए उम्मीदवारों की समय से पहले घोषणा को पार्टी की चुनावी रणनीति के महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।