राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की जिला स्तरीय मासिक समीक्षा बैठक व निक्षय दिवस आयोजित
पंजाब नेशनल बैंक व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा नूरपुर क्षेत्र में टीबी के साथ जी रहे मरीजों के लिए 17 पोषण किट भेंट
टीबी जागरूकता में उत्कृष्ट योगदान के लिए नर्सिंग ऑफिसर यामिनी सूद सम्मानित
धर्मशाला, 24 सितंबर 2026: - जिला कांगड़ा में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिला स्तरीय विशेष मासिक समीक्षा एवं क्षमता निर्माण बैठक तथा निक्षय दिवस का आयोजन जोनल अस्पताल, धर्मशाला के मीटिंग हॉल में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डॉ. उमेश भारती की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में नेशनल टास्क फोर्स के सलाहकार डॉ. अशोक भारद्वाज ने विशेष रूप से भाग लिया तथा टीबी उन्मूलन कार्यक्रम से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत तकनीकी एवं कार्यक्रमगत जानकारी साझा की।
इस अवसर पर पंजाब नेशनल बैंक एवं बैंक ऑफ इंडिया के प्रतिनिधियों ने जनभागीदारी के तहत नूरपुर क्षेत्र में टीबी के साथ जी रहे मरीजों के लिए 17 पोषण किट भेंट कीं। डॉ. उमेश भारती ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि टीबी उन्मूलन में समुदाय एवं विभिन्न संस्थानों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है तथा ऐसे प्रयास टीबी मरीजों के लिए पोषण एवं सामाजिक सहयोग को मजबूत करते हैं।
इस अवसर पर नर्सिंग ऑफिसर यामिनी सूद को टीबी जागरूकता एवं टीबी मुक्त भारत अभियान में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
बैठक का संचालन जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. आर.के. सूद ने किया। उन्होंने जिला कांगड़ा में संचालित टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0 की प्रगति की विस्तृत जानकारी देते हुए विभिन्न स्वास्थ्य खंडों में चल रही गतिविधियों, उपलब्धियों एवं लंबित कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिले में टीबी उन्मूलन की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं तथा सभी स्वास्थ्य खंडों की सक्रिय भागीदारी से इस अभियान को और गति दी जा सकती है। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्वास्थ्य खंडों एवं टीमों की सराहना करते हुए अन्य खंडों को भी अपने प्रदर्शन में सुधार लाने के निर्देश दिए।
उपचार परिणामों की समीक्षा में जिला स्तर पर उपचार सफलता दर 88 प्रतिशत दर्ज की गई। डॉ. सूद ने सभी संबंधित टीमों को उपचाराधीन मरीजों का नियमित फॉलोअप, समय पर परिणाम आवंटन तथा उपचार परिणामों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि उपचार सफलता दर को 90 प्रतिशत से अधिक के स्तर तक ले जाया जा सके।
बैठक में डिफरेंशिएटेड टीबी केयर, निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत आधार विवरण, निक्षय मित्र पोषण सहायता, लंबित निक्षय भुगतान, सैंपल बैकलॉग, मृत्यु ऑडिट तथा टीबी मरीजों की समय पर पहचान एवं उपचार से संबंधित विषयों की भी समीक्षा की गई। टीबी से होने वाली मृत्यु को कम करने के लिए प्रत्येक मृत्यु की समीक्षा, मरीजों के प्रारंभिक चिकित्सकीय आकलन, समय पर उपचार शुरू करने, नियमित फॉलोअप तथा उच्च जोखिम वाले मरीजों को आवश्यक देखभाल से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में टीबी मुक्त भारत ऐप के प्रभावी उपयोग पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों एवं राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के कर्मचारियों को अभियान की योजना, निगरानी एवं रिपोर्टिंग में ऐप का नियमित एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रतिभागियों को ऐप का हैंड्स-ऑन प्रैक्टिकल प्रशिक्षण भी दिया गया, जिसमें उन्होंने आवश्यक प्रविष्टियों एवं विभिन्न कार्यप्रणालियों का स्वयं अभ्यास किया, ताकि फील्ड स्तर पर अभियान की गतिविधियों का बेहतर दस्तावेजीकरण एवं निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
डॉ. उमेश भारती ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुखी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने सभी स्वास्थ्य खंडों को लंबित कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने, टीबी मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं रोगी-केंद्रित सेवाएं उपलब्ध करवाने तथा समुदाय की भागीदारी को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
डॉ. अशोक भारद्वाज ने टीबी उन्मूलन के लिए मरीजों की समय पर पहचान, उपचार की निरंतरता, मृत्यु के मामलों की गहन समीक्षा तथा उच्च जोखिम वाले मरीजों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए फील्ड स्तर पर आंकड़ों की गुणवत्ता एवं स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर निगरानी को महत्वपूर्ण बताया।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के सलाहकार डॉ. निकेत सतपारा तथा जपाईगो की वरिष्ठ कार्यक्रम समन्वयक-टीबी डॉ. ज्योति भारती ने भी बैठक में भाग लिया और कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए तकनीकी एवं कार्यक्रमगत सुझाव साझा किए।
बैठक में टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के सम्मान समारोह को पूर्ण करने, लंबित मृत्यु ऑडिट समयबद्ध रूप से पूरा करने, उच्च जोखिम वाले गांवों की शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने, एक्स-रे एवं एनएएटी जांच बढ़ाने तथा पात्र मरीजों को डिफरेंशिएटेड टीबी केयर से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, निक्षय मित्र पहल, टीबी मुक्त भारत अभियान की सामुदायिक गतिविधियों तथा फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की गई।
बैठक में एलडीएम कार्यालय, पीएनबी सर्किल कार्यालय एवं बैंक ऑफ इंडिया के प्रतिनिधियों सहित सभी बीएमओ, एसएमओ, आयुष अधिकारी धर्मशाला, एसटीएस तथा राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।