ज्वालामुखी की बेटी आस्था सूद ने ऑक्सफोर्ड में रचा गौरव का नया अध्याय
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय की पीएचडी शोधार्थी ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में प्रस्तुत किया शोध पत्र, हिमाचल और ज्वालामुखी का नाम किया रोशन
ज्वालामुखी। हिमाचल प्रदेश के ज्वालामुखी क्षेत्र की बेटी **आस्था सूद** ने अंतरराष्ट्रीय अकादमिक मंच पर अपनी प्रतिभा और शोध क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए क्षेत्र और परिवार को गौरवान्वित किया है। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू), लुधियाना के **अर्थशास्त्र एवं समाजशास्त्र विभाग** में पीएचडी शोधार्थी आस्था सूद ने इंग्लैंड के प्रतिष्ठित **ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय** में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया।
आस्था सूद, **श्री राजीव सूद एवं श्रीमती ऊषा सूद** की सुपुत्री हैं। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके माता-पिता और परिवार को गौरवान्वित किया है, बल्कि ज्वालामुखी क्षेत्र के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक मंच पर अपने शोध कार्य को प्रस्तुत करना आस्था की अकादमिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
## ऑक्सफोर्ड के ब्रैज़नोज़ कॉलेज में प्रस्तुत किया शोध
आस्था सूद ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक **ब्रैज़नोज़ कॉलेज** में आयोजित **‘Research and Mentoring Workshop in Honour of Uma Lele’** में भाग लिया और अपने शोध कार्य को अंतरराष्ट्रीय विद्वानों, शोधकर्ताओं एवं अकादमिक विशेषज्ञों के समक्ष प्रस्तुत किया।
यह दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला **24 और 25 अगस्त 2026** को आयोजित की गई। कार्यशाला में दुनिया के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं शोध संस्थानों से जुड़े प्रतिष्ठित विद्वानों और शोधकर्ताओं ने हिस्सा लिया। आयोजन का उद्देश्य शोधकर्ताओं को अपने कार्य को व्यापक अकादमिक समुदाय के समक्ष प्रस्तुत करने, विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने तथा विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श का अवसर प्रदान करना था।
आस्था के लिए यह मंच विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि यहां उन्हें अपने शोध कार्य को अंतरराष्ट्रीय अकादमिक समुदाय के समक्ष रखने और विभिन्न विशेषज्ञों के साथ संवाद करने का अवसर मिला। शोध पत्र की प्रस्तुति के माध्यम से उन्होंने अपने अध्ययन, शोध दृष्टिकोण और अकादमिक क्षमता का परिचय दिया।
## पीएयू में कर रही हैं पीएचडी शोध
आस्था सूद वर्तमान में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना के अर्थशास्त्र एवं समाजशास्त्र विभाग में पीएचडी कर रही हैं। शोध के क्षेत्र में उनकी सक्रियता और अंतरराष्ट्रीय मंच पर शोध पत्र की प्रस्तुति उनकी अकादमिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय जैसे विश्व-प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्थान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में शोध पत्र प्रस्तुत करना किसी भी शोधार्थी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाता है। आस्था की यह उपलब्धि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के उन युवाओं के लिए भी प्रेरणादायी है, जो उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देखते हैं।
## ज्वालामुखी क्षेत्र में खुशी की लहर
आस्था सूद की इस उपलब्धि की जानकारी मिलने के बाद ज्वालामुखी क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। परिवारजनों, रिश्तेदारों, मित्रों और शुभचिंतकों ने आस्था को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
माता-पिता **श्री राजीव सूद एवं श्रीमती ऊषा सूद** के लिए भी यह गौरव का क्षण है। बेटी की इस उपलब्धि ने परिवार की खुशियों को दोगुना कर दिया है। आस्था ने अपनी मेहनत, लगन और शोध के प्रति समर्पण के बल पर अंतरराष्ट्रीय अकादमिक मंच तक अपनी पहचान बनाई है।
## हिमाचल की बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा
आस्था सूद की उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं है। यह हिमाचल प्रदेश, विशेषकर ज्वालामुखी क्षेत्र की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का संदेश भी है। छोटे शहरों और पहाड़ी क्षेत्रों से निकलकर युवा यदि निरंतर मेहनत, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध के प्रति समर्पण के साथ आगे बढ़ें, तो अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी पहचान बनाई जा सकती है।
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में अपने शोध कार्य की प्रस्तुति के साथ आस्था ने यह साबित किया है कि प्रतिभा और मेहनत के सामने भौगोलिक सीमाएं बाधा नहीं बनतीं। उनकी यह उपलब्धि आने वाले समय में शोध और अकादमिक क्षेत्र में उनके लिए नए अवसरों के द्वार खोल सकती है।
आस्था सूद की ऑक्सफोर्ड यात्रा और वहां शोध पत्र की प्रस्तुति उनके अकादमिक सफर का एक उल्लेखनीय अध्याय है। ज्वालामुखी की इस बेटी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का परिचय देकर **अपने परिवार, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, हिमाचल प्रदेश और ज्वालामुखी क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है।**