विद्यार्थियों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के बजट को 25 लाख से बढ़ाकर 55 लाख रुपये किया गया है। इसके अतिरिक्त, छात्र क्लब, कैंपस प्लेसमेंट, सॉफ्ट स्किल विकास, औद्योगिक प्रशिक्षण, लैंगिक संवेदनशीलता एवं विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के प्रोत्साहन हेतु पहली बार विशेष प्रावधान किए गए हैं।