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शिमला | विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 4,967 लाभार्थियों को 20.61 करोड़ रुपये वितरित किए जाएंगेः नरदेव कंवर

Updated on Tuesday, August 11, 2026 20:07 PM IST

हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव कंवर ने आज यहां एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि बोर्ड 15 अगस्त, 2026 को 14 कल्याणकारी योजनाओं के तहत 4,967 पात्र लाभार्थियों को 20.61 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि बोर्ड द्वारा 4,84,860 कामगारों को पंजीकृत किया गया है। वर्तमान में प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को लगभग 95 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता वितरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि बोर्ड ने आगामी वर्ष तक 300 करोड़ रुपये वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, ताकि अधिक से अधिक पात्र कामगारों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।

बोर्ड की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही पर बल देते हुए श्री कंवर ने कहा कि बोर्ड द्वारा पंजीकृत कामगारों की ई-केवाईसी करवाई गई है, ताकि अपात्र लाभार्थियों की पहचान की जा सके। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2021-22 में लगभग 70,000 अपात्र कामगारों का पंजीकरण किया गया था और मात्र नौ महीनों के भीतर उन्हें लगभग 176 करोड़ रुपये वितरित किए गए थे जिसका उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ प्राप्त करना था। उन्होंने कहा कि अब ई-केवाईसी के माध्यम से इन अपात्र लाभार्थियों की पहचान कर ली गई है और वास्तविक एवं पात्र श्रमिकों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि बोर्ड यह सुनिश्चित कर रहा है कि वित्तीय सहायता सीधे पात्र लाभार्थियों के खातों में आरटीजीएस के माध्यम से हस्तांतरित की जाए। बोर्ड के इस कदम से भुगतान प्रणाली अधिक पारदर्शी, प्रत्यक्ष और जवाबदेह बनी है।
श्री कंवर ने कहा कि बोर्ड द्वारा निर्माण श्रमिकों को शिक्षा, विवाह, स्वास्थ्य देखभाल, मातृत्व एवं पितृत्व सहायता, आवास तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा आवश्यकताओं से संबंधित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।

उन्होंने कहा कि वित्तीय सहायता वितरण के अंतर्गत विवाह सहायता योजना के तहत 8.98 करोड़ रुपये और शिक्षा सहायता योजना के तहत 7.89 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, मृत्यु/अंतिम संस्कार सहायता के तहत 1.49 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री/प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 89.77 लाख रुपये, एकल महिलाओं/परित्यक्त महिलाओं/दिव्यांग महिलाओं की श्रेणी के तहत 61 लाख रुपये तथा मातृत्व/पितृत्व सहायता योजना के तहत 38.02 लाख रुपये जारी किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि कामगारों के बच्चों की शिक्षा को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। बोर्ड द्वारा शिक्षा सहायता योजना के तहत सर्वाधिक राशि व्यय की जा रही है। इस योजना के तहत 2,788 लाभार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जबकि विवाह सहायता योजना के तहत 1,758 लाभार्थियों को लाभ मिलेगा।

श्री कंवर ने कहा कि हमीरपुर जिले में लाभार्थियों की संख्या सबसे अधिक है, जहां 1,298 लाभार्थियों को 5.43 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी। कांगड़ा में 720 लाभार्थियों को 2.89 करोड़ रुपये, ऊना में 606 लाभार्थियों को 2.52 करोड़ रुपये और मंडी में 571 लाभार्थियों को 2.80 करोड़ रुपये सहायता राशि प्रदान की जाएगी। शिमला, सिरमौर, चंबा, बिलासपुर, कुल्लू, किन्नौर और सोलन जिलों के लाभार्थियों को भी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं कि सभी पात्र श्रमिकों को अविलंब कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले।

उन्होंने कहा कि बोर्ड यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है कि विभिन्न योजनाओें के तहत सहायता राशि वास्तविक और पात्र निर्माण श्रमिकों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि बोर्ड का उद्देश्य केवल वित्तीय सहायता वितरित करना ही नहीं है, बल्कि निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना तथा कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह तरीके से पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना भी है।

 

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