4 लाख रुपये की पहली किश्त लेते ही बिछा CBI का जाल, गुवाहाटी में रंगे हाथ पकड़ा गया बिचौलिया
नई दिल्ली/शिलांग, 6 जुलाई। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) में कथित रिश्वतखोरी के एक बड़े मामले का पर्दाफाश करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने शिलांग स्थित प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (PIU) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि 13.38 करोड़ रुपये का लंबित भुगतान जारी कराने के बदले 12 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
गिरफ्तार आरोपियों में आनंद सिंह चौहान, प्रोजेक्ट डायरेक्टर (PIU), NHAI शिलांग, तथा दो निजी व्यक्ति पुनीत अग्रवाल और मनीष अग्रवाल शामिल हैं।
शिकायत के बाद हरकत में आई CBI
CBI के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद 1 जुलाई 2026 को मामला दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसका 13.38 करोड़ रुपये का लंबित बिल प्रोसेस करने के लिए प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने 12 लाख रुपये की अवैध रकम की मांग की।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी अधिकारी ने पहले 4 लाख रुपये अग्रिम देने को कहा और शिकायतकर्ता को निर्देश दिया कि रकम गुवाहाटी में एक निजी व्यक्ति को सौंपी जाए। बाद में उस व्यक्ति ने राशि दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कहा।
4 लाख रुपये लेते ही बिछा शिकंजा
CBI ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद ट्रैप ऑपरेशन चलाया। एजेंसी ने गुवाहाटी में एक निजी व्यक्ति को शिकायतकर्ता से 4 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके तुरंत बाद प्रोजेक्ट डायरेक्टर और दोनों निजी व्यक्तियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
कई ठिकानों पर छापेमारी
गिरफ्तारी के बाद CBI ने आरोपियों के आवास और अन्य परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। एजेंसी ने मामले से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। जांच अब इस दिशा में भी आगे बढ़ रही है कि क्या इस कथित रिश्वतखोरी में अन्य अधिकारी या कोई संगठित नेटवर्क भी शामिल है।
CBI ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.