NH-105 पर ब्रेक: ठेकेदार ने छोड़ा काम, कश्यप ने राज्य सरकार को घेरा
भूमि अधिग्रहण में देरी और समन्वय की कमी से अटका प्रोजेक्ट, केंद्र ने फिर शुरू की प्रक्रिया
शिमला, 16 अप्रैल 2026 - पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-105) परियोजना एक बार फिर विवादों में है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने निर्माण कार्य रुकने के लिए प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि राज्य सरकार की लापरवाही के चलते ठेकेदार को बीच में ही काम छोड़ना पड़ा, जिससे यह अहम परियोजना ठप हो गई है।
कश्यप ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को लोकसभा में नियम 377 के तहत उठाया था, जिसके बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से मिली जानकारी में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को EPC कॉन्ट्रैक्टर M/s Patel Infrastructure के साथ किया गया अनुबंध समाप्त करना पड़ा, क्योंकि परियोजना लगातार बाधाओं में घिरी रही।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार समय पर भूमि उपलब्ध कराने में असफल रही, जिससे निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हो सका। भूमि अधिग्रहण में देरी, जरूरी अनुमतियों का लंबित रहना और विभागों के बीच तालमेल की कमी को उन्होंने मुख्य वजह बताया। मार्च 2025 तक भी पूरी जमीन हस्तांतरित नहीं हो पाई थी, जिससे प्रोजेक्ट की गति पूरी तरह थम गई।
कश्यप ने यह भी कहा कि हरियाणा में खनन अनुमति मिलने में करीब एक साल का समय लग गया, जबकि हाई वोल्टेज बिजली लाइनों के शिफ्टिंग में देरी और 2023 की भारी बारिश ने भी काम को प्रभावित किया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इन सबके बावजूद सबसे बड़ी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की ही बनती है।
उन्होंने केंद्र सरकार की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि प्रोजेक्ट को पटरी पर लाने के लिए नई टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही, सड़क के रखरखाव के लिए दो O&M एजेंसियों को तैनात कर मौजूदा हालत सुधारने का काम भी शुरू कर दिया गया है।
करीब 30.300 किलोमीटर लंबा यह राष्ट्रीय राजमार्ग, जिसमें 17 किलोमीटर हिस्सा हिमाचल प्रदेश में आता है, क्षेत्र के औद्योगिक और आर्थिक ढांचे के लिए बेहद अहम माना जाता है।
कश्यप ने कांग्रेस सरकार पर “श्रेय की राजनीति” करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में सरकार पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना वर्षों पीछे चली गई है, जिसका असर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और उद्योगों पर पड़ रहा है।
अंत में कश्यप ने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी और प्रदेश के हितों से कोई समझौता नहीं होने देगी। उनके मुताबिक, केंद्र सरकार विकास के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन राज्य सरकार की निष्क्रियता सबसे बड़ी रुकावट बन रही है।