ज्वालामुखी (कांगड़ा), 24 मार्च 2026- अक्षय तृतीया और भगवान परशुराम जयंती के पावन अवसर पर 19 अप्रैल 2026 को Laxmi Narayan Mandir Bohan Jawalamukhi में सामूहिक यज्ञोपवीत (जनेऊ) संस्कार का आयोजन किया जाएगा। इस धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन ब्राह्मण समाज और विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं के सहयोग से किया जा रहा है।
आचार्य प्रबल शास्त्री ने जानकारी देते हुए बताया कि अक्षय तृतीया का दिन सनातन परंपरा में अत्यंत शुभ माना जाता है और इस दिन बिना किसी विशेष मुहूर्त के भी सभी मांगलिक कार्य संपन्न किए जा सकते हैं। ऐसे में इस तिथि पर सामूहिक उपनयन संस्कार का विशेष महत्व है।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान योग्य पंडितों और विद्वानों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बटुकों का यज्ञोपवीत संस्कार एवं चुड़ाकर्म विधि-विधान से संपन्न कराया जाएगा। एक ही मंच पर कई बटुकों को दीक्षा देकर इस परंपरा को सामूहिक रूप में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
आचार्य शास्त्री के अनुसार, इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में धार्मिक संस्कारों को बढ़ावा देना, युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना और सामाजिक एकता को मजबूत करना है। साथ ही, सामूहिक आयोजन के माध्यम से अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण भी संभव हो पाता है।
आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में शोभायात्रा, विशेष पूजा-अर्चना और भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र के श्रद्धालुओं की भागीदारी रहने की उम्मीद है।
उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को इस सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार में शामिल कर उन्हें धर्म और संस्कृति से जोड़ने में अपनी भूमिका निभाएं।
यह संस्कार बटुक के जीवन में अनुशासन, शिक्षा और ब्रह्मचर्य की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है, जो उसके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।