जिला कांगड़ा में पर्यटन विकास के साथ, गांव-गरीब को करेगा सशक्त
Himachal Pardesh C M Sukhvinder Singh Sukhu द्वारा प्रस्तुत हिमाचल प्रदेश बजट 2026-27 को ज्वालामुखी के विधायक Sanjay Rattan ने प्रदेश और विशेष रूप से जिला कांगड़ा के लिए “विकास की नई दिशा” करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट हर वर्ग—किसान, युवा, महिला, गरीब और कर्मचारी—को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री की दूरदर्शिता की सराहना करते हुए इसे जिला कांगड़ा के नवोत्थान का प्रतीक बताया है। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026-27 के लिए 54,928 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत करते हुए समाज के हर वर्ग के हितों का ध्यान रखा है।
“यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि हिमाचल के भविष्य का रोडमैप है,” — Sanjay Rattan
उन्होंने मुख्यमंत्री की दूरदर्शिता की सराहना करते हुए कहा कि 54,928 करोड़ रुपये का यह बजट ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और रोजगार सृजन पर केंद्रित है।
दुग्ध एवं पशुपालन क्षेत्र पर जोर देते हुए Sanjay Rattan ने कहा, “दूध उत्पादन बढ़ाने, सहकारी समितियों के विस्तार और सब्सिडी योजनाओं से सीधे तौर पर गांव के लोगों की आय बढ़ेगी।” उन्होंने बताया कि दुग्ध संयंत्रों पर 65% तक सब्सिडी और दूध पर प्रोत्साहन राशि बढ़ाने का निर्णय पशुपालकों के लिए ऐतिहासिक कदम है।
कृषि क्षेत्र में MSP बढ़ोतरी को लेकर उन्होंने कहा, “गेहूं, मक्का और हल्दी के दाम बढ़ाकर सरकार ने किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने का काम किया है।” उन्होंने इसे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में भी अहम बताया।
जनजातीय और पारंपरिक समुदायों के लिए योजनाओं पर बोलते हुए Sanjay Rattan ने कहा, “गद्दी और गुज्जर समाज के लिए 300 करोड़ की योजना उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाएगी और उनकी पारंपरिक आजीविका को मजबूती देगी।”
कांगड़ा जिले में प्रस्तावित परियोजनाओं पर उन्होंने खास जोर देते हुए कहा, “बनखंडी जूलॉजिकल पार्क, एरो सिटी और बिजली उपकेंद्र जैसी परियोजनाएं कांगड़ा को पर्यटन और निवेश का हब बनाएंगी।”
स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में निवेश को लेकर उन्होंने कहा, “टांडा मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग संस्थान में निवेश से स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी और युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे।”
अंत में Sanjay Rattan ने कहा, “यह बजट गांव, गरीब और आम आदमी को सशक्त बनाने वाला है। आने वाले समय में इसका सकारात्मक प्रभाव हर घर तक पहुंचेगा।”
कुल मिलाकर, विधायक के अनुसार यह बजट हिमाचल प्रदेश, खासकर कांगड़ा जिले के संतुलित और समावेशी विकास की दिशा में एक मजबूत और दूरगामी पहल है।