लंदन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने मध्य पूर्व में जारी युद्ध को लेकर डाउनिंग स्ट्रीट में एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सभी पक्षों से तत्काल संयम बरतने और संघर्ष को व्यापक क्षेत्रीय युद्ध में बदलने से रोकने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा हालात “अत्यंत संवेदनशील और खतरनाक” हैं तथा किसी भी प्रकार की उकसाने वाली कार्रवाई से हालात और बिगड़ सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्रिटेन अपने सहयोगियों के साथ लगातार संपर्क में है और कूटनीतिक प्रयासों को तेज किया जा रहा है ताकि हिंसा पर विराम लगाया जा सके।
नागरिकों की सुरक्षा पर विशेष बल
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में फंसे ब्रिटिश नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय ने आपातकालीन हेल्पलाइन सक्रिय कर दी है और आवश्यकता पड़ने पर निकासी की योजना भी तैयार रखी गई है।
उन्होंने यह भी दोहराया कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन हर स्थिति में अनिवार्य है और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। “निर्दोष लोगों की जान बचाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है,” उन्होंने कहा।
कूटनीतिक समाधान ही स्थायी रास्ता
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि सैन्य समाधान स्थायी शांति नहीं ला सकता। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और क्षेत्रीय शक्तियों से अपील की कि वे वार्ता की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं। ब्रिटेन, उन्होंने बताया, अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर तनाव कम करने के प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि स्थिति और बिगड़ती है तो ब्रिटेन आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा, हालांकि उन्होंने किसी संभावित सैन्य हस्तक्षेप पर सीधे टिप्पणी करने से परहेज किया।
वैश्विक असर पर चिंता
प्रधानमंत्री ने माना कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार संभावित आर्थिक प्रभावों पर नजर बनाए हुए है और घरेलू बाजार को स्थिर रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में प्रधानमंत्री ने दोहराया कि ब्रिटेन शांति, स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय कानून के पक्ष में खड़ा है। “यह समय युद्ध को बढ़ाने का नहीं, बल्कि शांति की दिशा में ठोस कदम उठाने का है,” उन्होंने कहा।
स्थिति पर ब्रिटिश सरकार की नजर लगातार बनी हुई है और आने वाले दिनों में आगे की रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा।