कोलंबो/वाशिंगटन, 5 मार्च 2026: भारतीय महासागर में श्रीलंका के दक्षिणी तट से करीब 40 नॉटिकल माइल (लगभग 74 किमी) दूर अंतरराष्ट्रीय जल में अमेरिकी नौसेना की एक फास्ट-अटैक पनडुब्बी ने ईरान की नौसेना के मॉड्ज क्लास फ्रिगेट IRIS Dena को एक मार्क-48 हेवीवेट टॉरपीडो से नष्ट कर दिया। यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा दुश्मन जहाज को टॉरपीडो से डुबोने का पहला मामला है।
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पेंटागन में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा, "कल भारतीय महासागर में एक अमेरिकी पनडुब्बी ने एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया, जो सोच रहा था कि वह अंतरराष्ट्रीय जल में सुरक्षित है। इसके बजाय, उसे टॉरपीडो से डुबो दिया गया। शांत मौत।" हेगसेथ ने इसे "क्वाइट डेथ" करार दिया और बताया कि यह WWII के बाद पहली बार है जब अमेरिकी सबमरीन ने टॉरपीडो से दुश्मन जहाज को मार गिराया। पेंटागन ने हमले का वीडियो भी जारी किया, जिसमें टॉरपीडो के विस्फोट से जहाज के पिछले हिस्से में बड़ा पानी का फव्वारा उठता दिख रहा है और जहाज तेजी से डूबता नजर आ रहा है।
श्रीलंका की नौसेना ने डिस्ट्रेस सिग्नल मिलने पर तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। विदेश मंत्री विजिथा हेराथ ने संसद को बताया कि जहाज पर कुल 180 क्रू मेंबर थे। रेस्क्यू टीम ने 32 घायल नाविकों को बचाया, जबकि 87 शव बरामद किए गए। बाकी करीब 60-61 लोग अभी भी लापता हैं। श्रीलंका की टीम को मौके पर सिर्फ तेल का रिसाव, खाली लाइफ राफ्ट और पानी में तैरते शव मिले।
घटना मंगलवार रात/बुधवार सुबह (4 मार्च 2026) के आसपास हुई।IRIS Dena ईरान की नौसेना का एक आधुनिक "प्राइज शिप" (मुख्य युद्धपोत) था, जो Moudge क्लास फ्रिगेट है। यह जहाज हेलीकॉप्टर ले जाने की क्षमता रखता है और एंटी-शिप मिसाइल, सरफेस-टू-एयर मिसाइल, टॉरपीडो और हैवी गन्स से लैस था। जहाज हाल ही में भारत द्वारा आयोजित मिलन-2026 नौसैनिक अभ्यास (Bay of Bengal) में हिस्सा ले चुका था, जिसमें 74 देश शामिल थे। अभ्यास के बाद यह ईरान लौट रहा था।
यह हमला अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे बड़े संघर्ष "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी" का हिस्सा है, जो शनिवार से शुरू हुआ। पेंटागन के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में 20 से ज्यादा ईरानी जहाज और एक पनडुब्बी को नष्ट किया जा चुका है। हेगसेथ ने कहा कि ईरानी नौसेना अब "प्रभावी रूप से नष्ट" हो चुकी है और फारस की खाड़ी के तल में है।
ईरान ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। श्रीलंका ने घटना को "गंभीर" बताते हुए अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है, क्योंकि यह उसके तट के पास हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला संघर्ष को मध्य पूर्व से बाहर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र तक फैला रहा है, जिससे वैश्विक समुद्री सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।यह घटना दुनिया की नजरों में है और स्थिति तेजी से बदल रही है।