लॉरिएट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी हिमाचल का सर्वश्रेष्ठ संस्थान
ज्वालामुखी के पास कथोग में लॉरिएट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी की स्थापना वर्ष 2007 में हुई थी। इसका उद्देश्य प्रतिभा को सर्वांगीण उत्कृष्टता की ओर ले जाना है, ऐसा शैक्षिक अनुभव प्रदान करके जो बौद्धिक रूप से प्रेरणादायक और तकनीकी रूप से नवोन्मेषी हो। यह संस्थान केवल पेशेवर नहीं, बल्कि कल के दूरदर्शी (विजनरी) तैयार करता है। यह ISO प्रमाणित तथा IAO मान्यता प्राप्त संस्थान वर्तमान में निम्नलिखित पाठ्यक्रम संचालित कर रहा हैः बी. फार्मेसी (B. Pharmacy) स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम (M. Pharmacy) फार्मास्यूटिक्स, फार्माकोलॉजी तथा फार्मास्यूटिकल एनालिसिस एंड क्वालिटी एश्योरेंस में डी. फार्मेसी (D. Pharmacy) बी. फार्मेसी प्रैक्टिस (B. Pharmacy Practice) पीएच.डी. (H.P. Technical University के ऑफ-कैंपस रिसर्च सेंटर के रूप में)
संस्थान को PCI तथा AICTE द्वारा अनुमोदित किया गया है तथा यह हिमाचल प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी, हमीरपुर से संबद्ध है। यह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, नई दिल्ली द्वारा मान्यता प्राप्त है UGC Act 1956 की धारा 2(f) के अंतर्गत) तथा NAAC द्वारा ग्रेड ‘A’ प्राप्त है (बेंगलुरु)।
संस्थान हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में ज्वालामुखी के निकट कथोग में स्थित है। यह पहाड़ी क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं की सभी चुनौतियों के बावजूद मध्यम आर्थिक वर्ग के समाज को उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान कर रहा है। संस्थान राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) National Service Scheme के अंतर्गत सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय है।
प्रबंध निदेशक रण सिंह के प्रयासों से संस्थान में नई शोध दिशाओं के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा उपलब्ध है, जिसमें दवाओं, औषधियों तथा हर्बल फॉर्मूलेशनों की गुणवत्ता का विश्लेषण एवं मूल्यांकन शामिल है। यहां अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं हैं जो परिष्कृत उपकरणों तथा अन्य सुविधाओं से सुसज्जित हैं।
लॉरिएट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, कथोग , निदेशक एवं प्राचार्य महेन्दर सिंह आशावत व उनकी टीम के मार्गदर्शन में क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ फार्मेसी कॉलेजों में से एक के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुका है। यह संस्थान अपने छात्रों के 360 डिग्री विकास पर जोर देता है। इसका लक्ष्य अत्यधिक उभरती हुई तकनीकों तथा औषधियों एवं मानव स्वास्थ्य सेवा के प्रमुख क्षेत्रों में शोध को बढ़ावा देना है तथा फार्मास्यूटिकल शिक्षा एवं प्रौद्योगिकी में राष्ट्रीय उद्देश्यों को पूरा करने में योगदान देना है।