ज्वालामुखी में मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत विधायक संजय रत्न की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में अपने संबोधन में अनुराग शर्मा ने कहा कि, भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा को जानबूझकर कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। जिससे महिलाओं और मजदूरों के हक़-हक़ूक़ के साथ अन्याय किया जा रहा है। इस खिलवाड़ के खिलाफ़ कांग्रेस पार्टी मजबूती से आवाज़ उठा रही है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में ग्रामीण आर्थिकी को मजबूत करने के लिए मनरेगा को शुरू किया गया था, जिससे लोगों को गांवों में रोजगार मिलने के साथ अन्य राज्यों में पलायन रुका था। पहले मनरेगा के तहत विभिन्न कार्यों के सेल्फ बनते थे, लेकिन अब केंद्र सरकार तय करेगी कि कौन सा कार्य कहां होना है, मनरेगा के स्वरूप में बदलाव सहन नहीं किया जाएगा।
अनुराग शर्मा ने कहा कि ] ग्रामसभा, पंचायत प्रधानों की शक्तियों को कम किया गया है। पहले मनरेगा में श्रमिक, पंचायत के अधीन काम करते थे, जबकि अब संशोधन होने से ठेकेदारों द्वारा कार्य करवाए जाएंगे और मनरेगा श्रमिक उनके अधीन काम करेंगे। मनरेगा, ग्रामीण युवाओं को रोजगार की गारंटी और ग्रामीण आर्थिकी को सुदृढ़ करने का साधन था।
उन्होंने कहा कि , कांग्रेस पार्टी ने हमेशा शोषित, वंचित, आमजन और मजदूर वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष किया है और यह लड़ाई आगे भी पूरी ताक़त से जारी रहेगी।
बैठक में, विधानसभा समन्वयक राकेश राणा, ब्लॉक कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।