हिमाचल में कड़ाके की ठंड में कुत्ते ने चार दिनों तक मालिक की लाश की रखवाली की
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में एक पालतू कुत्ते ने बर्फीले तूफान और हड्डियां जमा देने वाली ठंड के बीच अपने मालिक की लाश की चार दिनों तक निष्ठापूर्वक रखवाली की।
अधिकारियों ने बुधवार को इस मार्मिक घटना की पुष्टि की। अधिकारियों के अनुसार, 19 वर्षीय विक्सित राणा (घरेर गांव, चंबा निवासी) और उनके 14 वर्षीय चचेरे भाई पीयूष कुमार (मलकोटा गांव) 23 जनवरी को ट्रेकिंग के लिए निकले थे। विक्सित, जो एक उत्साही व्लॉगर थे, अपने पिटबुल नस्ल के कुत्ते 'शेरू' को भी साथ ले गए थे।
वे ऊपरी इलाकों में वीडियो शूट करने गए थे, लेकिन भयंकर बर्फबारी और तूफान में फंसकर लापता हो गए।लापता होने के बाद विशेष पर्वतारोहण टीमों, जिला पुलिस, स्थानीय निवासियों और सेना की मदद से बड़े पैमाने पर तलाश अभियान शुरू किया गया। सेना के हेलीकॉप्टरों और ड्रोनों की सहायता से घने जंगलों और दुर्गम इलाकों में खोज की गई।
चार दिनों के प्रयास के बाद सोमवार को दोनों किशोरों के शव बर्फ के नीचे मिले।शवों के पास विक्सित के कुत्ते शेरू (कुछ रिपोर्टों में जॉनू या शेरू) को खड़ा पाया गया, जो चार दिनों तक भूखे-प्यासे, ठंड से कांपते हुए भी अपने मालिक और उनके चचेरे भाई की लाशों से एक इंच नहीं हटा। कुत्ता इतना कमजोर हो चुका था कि उसके पंजे बर्फ में दब गए थे, फिर भी उसने किसी को उनके पास नहीं आने दिया। बचाव दल को उसे मनाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
यह घटना भरमौर के भरमणी माता मंदिर के निकट हुई, जहां तापमान माइनस 9 से माइनस 10 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था। दोनों युवक सोशल मीडिया रील्स बनाने के लिए निकले थे, लेकिन भीषण बर्फबारी में फंसकर ठंड से उनकी मौत हो गई।कुत्ते की इस अटूट निष्ठा ने बचावकर्ताओं और लोगों को गहरी भावुक कर दिया। शेरू को भी हेलीकॉप्टर से सुरक्षित नीचे लाया गया और परिवार को सौंप दिया गया।यह घटना पशु-मानव बंधन की गहराई और वफादारी की मिसाल पेश करती है, जो कठिन परिस्थितियों में भी टूटती नहीं।