हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्दर सिंह सुक्खू आज अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ शिमला के रिज मैदान पर महात्मा गाँधी की प्रतिमा के समक्ष केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा के नाम बदलने के विरोध में आयोजित धरना प्रदर्शन में शामिल हुये
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के नाम में बदलाव और इसे कमजोर किए जाने के विरोध में कांग्रेस पार्टी की ओर से यह अनशन आयोजित किया जाएगा। इसमें कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार, सरकार के मंत्रिमंडल के सदस्य, कांग्रेस विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व पदाधिकारी, विभिन्न बोर्डों और निगमों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष, अग्रणी संगठनों व विभागों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्त्ता शामिल हुये।
मुख्यमंत्री सुक्खू का आरोप है कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना के नाम से महात्मा गांधी का नाम हटाने और इसके बजट व दायरे को सीमित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे कांग्रेस किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि मनरेगा गरीब, मजदूर और ग्रामीण जनता के लिए जीवन रेखा है। ऐसे में उन्होंने जनता से भी इस आंदोलन में शामिल होकर केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा के मूल उद्देश्यों को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी की सोच थी, जिससे देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। कोरोना काल में जब किसी के पास काम नहीं था तो मनरेगा में ही आम आदमी को घर-द्वार काम की गारंटी मिली।
वहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्णय के खिलाफ प्रदेश में भी संगठनात्मक, जनांदोलनात्मक और वैधानिक तीनों स्तरों पर संघर्ष किया जाएगा। उनका कहना है कि प्रदेश की सभी पंचायतों में कांग्रेस कार्यकर्त्ता नए कानून की खामियों को उजागर करेंगे और जनमत संग्रह के माध्यम से ग्रामीण जनता की वास्तविक राय सामने लाएंगे।
गौर हो कि बीते दिन दिल्ली में आयोजित हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में भी मनरेगा योजना को प्रमुख बिंदु बनाकर देश में एक बड़ा आंदोलन किए जाने की रूपरेखा तैयार की गई है। इसके तहत 5 जनवरी से कांग्रेस देश भर में मनरेगा बचाओ अभियान शुरू करेगी। ऐसे में प्रदेश में भी इस अभियान को लेकर जल्द पूरी रूपरेखा तैयार की जाएगी।