आईआईएम सिरमौर ने विश्व पर्यटन दिवस 2025 के अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया
सिरमौर- भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) सिरमौर नेइंटरनेशनल टूरिज्म स्टडीज एसोसिएशन (ITSA)के सहयोग से विश्व पर्यटन दिवस 2025 का आयोजन “पर्यटन और सतत परिवर्तन” विषय पर संगोष्ठी के माध्यम से किया। इस आयोजन में उद्योग जगत के लीडर्स और विशेषज्ञों ने पर्यटन के भविष्य और इसे सतत विकास से जोड़ने पर विचार-विमर्श किया। इस कार्यक्रम ने पर्यटन क्षेत्र में आईआईएम सिरमौर की बौद्धिक नेतृत्व क्षमता को और मजबूत किया।
संगोष्ठी में प्रतिष्ठित वक्ताओं ने विचार साझा किए:श्री अंशुल गुप्ता (एमडी, ट्रैवल एंड हॉस्पिटैलिटी लीड, एक्सेंचर), श्री बृजेश मोदी (सीएफओ, थॉमस कुक), श्रीमती पूर्णिमा नेरुरकर (पूर्व जीएम, एयर इंडिया)वक्ताओं ने पर्यटन और विमानन क्षेत्र की प्रमुख प्रवृत्तियों और चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने “इंपेशंस इकोनॉमी” (अधीर अर्थव्यवस्था) के उदय पर चर्चा की, जहाँ यात्रा प्रेरणा अबवर्ड-ऑफ-माउथसे हटकर सर्च इंजन, सोशल मीडिया और जेनरेटिव एआई के माध्यम से संचालित हो रही है। एआई अब व्यक्तिगत और तुरंत उपलब्ध पैकेज्ड यात्रा अनुभव प्रदान कर रहा है तथा उड़ान मार्ग अनुकूलन जैसी तकनीकों से पारदर्शिता और सततता को बढ़ावा दे रहा है।
उन्होंने भारतीय पर्यटन बाज़ार की तीव्र वृद्धि पर भी प्रकाश डाला, जहाँ 2030 तक आउटबाउंड यात्रियों की संख्या दोगुनी होने की उम्मीद है। वक्ताओं ने ओवरटूरिज्म को रोकने और पर्यावरणीय दबाव कम करने के लिए व्यक्तियों, सरकार और टूर ऑपरेटरों के संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। घरेलू विमानन क्षेत्र की वृद्धि का भी उल्लेख किया गया, जिसे मिलेनियल्स और जेन-ज़ी चला रहे हैं, जो छोटे अवकाश को प्राथमिकता देते हैं। उद्योग द्वारा सततता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों में नए विमान बेड़े का समावेश और बायोमास आधारितसस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF)का विकास शामिल है।
यह कार्यक्रम एमबीएटूरिज्म मैनेजमेंटऔर एमबीएटूरिज्म, ट्रैवल एंड हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट (TTHM)कार्यक्रमों के छात्रों के लिए उद्योग जगत के लीडर्स से सतत पर्यटन के एकीकरण के बारे में सीखने का एक रोचक मंच साबित हुआ। इस आयोजन का मार्गदर्शनडॉ. विक्रांत कौशल (चेयरपर्सन, एमबीए टूरिज्म मैनेजमेंट), डॉ. वेनेसा जीबी गौरीसुनकर (चेयरपर्सन, एमबीए टूरिज्म, ट्रैवल एंड हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट), औरडॉ. जितेन्द्रन कोक्करनिकाल (प्रोफेसर, टूरिज्म मैनेजमेंट) ने किया।
संगोष्ठी ने एक बार फिर आईआईएम सिरमौर की प्रतिबद्धता को दोहराया कि वह ऐसे नए पीढ़ी के लीडर्स को तैयार करेगा, जो पर्यटन में सतत परिवर्तन को आगे बढ़ाते हुए आर्थिक विकास, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन स्थापित करेंगे।