बोले - आठ साल में जनता के 52 लाख करोड़ लूटने वाले अब ढोंग कर रहे*
किसान नेता ने कहा -जीएसटी अब भी अव्यवहारिक
मोदी सरकार ने जीएसटी के नाम पर पिछले आठ सालों में देश की जनता से 55 लाख करोड़ की लूट की है। अब भी जीएसटी की पांच दरें हैं। दो, तीन, पांच,अठारह एवं चालीस प्रतिशत 12 एवं 28 प्रतिशत को हटा कर 40 प्रतिशत कर दिया गया है जो कि अव्यवहारिक है।
यह बात अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक दीपक शर्मा ने आज कही। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने कांग्रेस के सरल और कुशल GST के बजाय, अलग-अलग 9 स्लैब से वसूली कर “गब्बर सिंह टैक्स” लगाया और 8 साल में ₹55 लाख करोड़ से ज़्यादा वसूले। अब ₹2.5 लाख करोड़ के “बचत उत्सव” की बात कर के जनता को गहरे घाव देने के बाद मामूली बैंड ऐड लगाने की बात की जा रही है।
जनता कभी नहीं भूलेगी कि उनके दाल-चावल-अनाज, पेंसिल, किताबें, इलाज, किसानों के ट्रैक्टर — सबसे GST वसूला था।दीपक शर्मा ने कहा कि सरकार का जीएसटी के नाम पर बचत उत्सव मात्र ढोंग है इसकी जगह मोदी सरकार को माफ़ी उत्सव मनाना चाहिये। दीपक शर्मा ने कहा कि जो लोग जीएसटी की नई व्यवस्था पर मोदी सरकार का गुणगान कर रहे हैं उनको इससे पहले जो 55 लाख करोड़ की लूट हुई उस वक्त क्यों चुप थे, इसका जवाब देना चाहिए।
किसान नेता ने कहा कि वर्ष 2018 से 2024 तक कुल लगभग एक करोड़ सात लाख 23 हजार 695 लाख करोड़ जीएसटी सरकार ने एकत्रित किया जिसमें से 55लाख 44 हजार 897 लाख करोड़ केंद्र सरकार को एकत्रित हुआ। इतना जीएसटी एकत्रित होने के बावजूद सरकार ने न तो किसानों के ऋण मुआफ़ किए और न ही रोजगार के साधन पैदा किए और न ही महंगाई पर लगाम लगाई।
किसान नेता ने कहा कि पहाड़ी राज्यों में प्राकृतिक आपदा से हजारों करोड़ का नुकसान हुआ लेकिन सरकार ने मात्र रस्म अदायगी अदा करते हुए इतनी राहत राशि दी जिससे किसी एक जिला के नुकसान की भरपाई भी संभव नहीं है। दीपक शर्मा ने कहा कि मोदी सरकार को मात्र अदानी - अंबानी का फिक्र है।देश की जनता को अपने हाल पर छोड़ दिया गया है।