बोले - विकास में योगदान शून्य,मात्र हवाई बातें करना आदत*
शांता कुमार का हिमाचल विरोधी होने का इतिहास
अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक दीपक शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार के राहुल गांधी बारे दिए गए बयान पर कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि शांता कुमार प्रदेश के असफलतम मुख्यमंत्री के रूप में जाने जाते हैं।जिनका दो बार मुख्यमंत्री का कार्यकाल काले अक्षरों में लिखा गया है। हिमाचल प्रदेश की स्थापना के समय शांता कुमार इसके विरोधी रहे और "स्टेटहुड मारो ठूड" के नारे लगाते रहे।
इस बारे में शांता कुमार स्पष्ट करें।शांता कुमार ने हमेशा जमीनी हकीकत से दूर रह कर दार्शनिक और अव्यवहारिक बातें की हैं। उन्होंने ख़ुद अपनी किताब में लिखा है कि वह अपने प्रथम मुख्यमंत्री काल में मात्र 23 दिन ही सरकार चला सके और बाकी समय अपनी कुर्सी बचाने के प्रयासों में ही व्यस्त रहे। उन्होंने कहा कि सरकार चलाना और प्रदेश को विकास के पथ पर ले जाना अहम है लेकिन शांता कुमार इस बारे में हमेशा विफल रहे।
उन्होंने कहा कि मात्र कविताएं घड़ कर, लच्छेदार शब्दवाजी करके हिमाचल का विकास नहीं होता इसके लिए योजनाओं की दरकार होती है जिसका कि शांता कुमार के कार्यकाल में अभाव रहा। किसान नेता ने कहा कि आदर्शवादी होने से बेहतर है कि हिमाचल एक आदर्श राज्य बने जिसके लिए शांता कुमार का योगदान शून्य रहा है।
उन्होंने कहा कि शांता कुमार को हर रोज़ कुछ न कुछ बोलने के लिए विषय चाहिए होता है और वो कुछ भी कहते रहते हैं जिसे जनता गंभीरता के साथ नहीं लेती। दीपक शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए वोट चोरी मामले को लेकर मुखर है और भाजपा सरकार के षडयंत्र का पर्दाफाश कर रहे हैं। देश की ज्वलंत समस्याओं बारे आवाज़ उठा रहे हैं लेकिन इन विषयों पर भाजपा नेताओं के मुंह बंद हैं।
शांता कुमार भी चुप्पी साधे बैठे हैं। उन्होंने कहा भाजपा नेताओं को कांग्रेस की फिक्र करने की आवश्यकता नहीं है। वह अपनी फिक्र करें। मोदी सरकार को सीख दें जो देश के लोकतंत्र को खत्म करने पर उतारू है।चंद बड़े औद्योगिक घरानों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से देश की जनता को लूट रही है।
दीपक शर्मा ने कहा कि हालांकि शांता कुमार को आजकल इस उम्र में जाकर छपास रोग हो गया है जिसके चलते वह हर रोज बयानवीर बन कर समय काटते है लेकिन वोट चोरी, अदानी -अंबानी के घोटालों, नोट बंदी, लोकतंत्र की हत्या करने, आदि अहम विषयों पर क्यों नहीं बोलते।उन्होंने कहा कि राहुल गांधी आधुनिक भारत के सामाजिक न्याय के प्रवर्तक न्याय योद्धा हैं ।
उनके बारे में जिस भाषा का इस्तेमाल शांता कुमार ने किया है वह निंदनीय है। किसान नेता ने कहा कि कांग्रेस विचारधारा देश के लोकतंत्र के मूल में बसी है।इसको खत्म करने की लालसा लिए कई लोगों के दाह संस्कार हो गए और कईयों के हो जायेंगे लेकिन कांग्रेस थी, है और रहेगी।