वेद धारा ग्लोबल स्कूल में दिनांक 5 जुलाई 2025 को वार्षिक प्रदर्शनी ‘प्रज्ञानम्’ का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। इस वर्ष की प्रदर्शनी का मुख्य विषय था — ‘सस्टेनेबिलिटी’ जो पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक रीति से सरस्वती वंदना एवं मुख़्य अतिथि कर्नल नीरज राणा (से. नि.), प्रबंधक श्रीमती निगम शर्मा एवं प्रधानाचार्य मनोज जोशी द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिससे वातावरण में एक पवित्र ऊर्जा का संचार हुआ।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रबंधक श्रीमती निगम शर्मा और प्रधानाचार्य मनोज जोशी ने मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त सेना अधिकारी कर्नल नीरज राणा का पौध एवं शॉल भेंट कर हार्दिक स्वागत किया।
‘प्रज्ञानम’ प्रदर्शनी में कक्षा प्रथम से बारहवीं तक के सभी छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा ‘सस्टेनेबिलिटी’ विषय पर आधारित सृजनात्मक मॉडल, चार्ट, पोस्टर एवं प्रायोगिक प्रस्तुतियाँ प्रदर्शित की।
विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशक्ति, वैज्ञानिक सोच एवं सामाजिक चेतना का अद्भुत समन्वय प्रस्तुत करते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों को स्पर्श किया।
वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत, जल संरक्षण तकनीक, री-सायक्लिंग विधियाँ, हरित भवनों की संरचना, जीरो वेस्ट सिद्धांत, जैविक खेती, सस्टेनेबल नगर, कार्बनफुट प्रिंट कम करने की दिशा में कदम आदि विषयों को प्रदर्शनी में आए अभिभावकों द्वारा खूब सराहा गया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मनोज जोशी जी ने उपस्थित अभिभावकों एवं अतिथियों को संबोधित करते हुए ‘सस्टेनेबिलिटी’ की आवश्यकता और महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शनी विद्यार्थियों को एक जागरूक, उत्तरदायी एवं संवेदनशील नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करती है।
मुख्य अतिथि कर्नल नीरज राणा ने सभी प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनी न केवल विद्यार्थियों की रचनात्मकता को मंच प्रदान करती है, अपितु उनमें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी उत्पन्न करती है। वेद धारा स्कूल का यह प्रयास निश्चित ही सराहनीय एवं प्रेरणादायक है।उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन को इस उत्कृष्ट आयोजन के लिए हार्दिक बधाई दी।
‘प्रज्ञानम् 2025’ प्रदर्शनी न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा का दिग्दर्शन रही, अपितु एक गहन संदेश भी देती है — “सतत विकास ही समृद्ध और सुरक्षित भविष्य की कुंजी है।”