भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार है। शक संवत 1946 , विक्रमी संवत 2082, आषाढ़, शुक्ला, द्वितीया, । सौर आषाढ़ मास प्रविष्टे 13, मुहर्रम 01, हिजरी 1447 (मुस्लिम) तदनुसार अंगे्रजी तारीख 27 जून सन् 2025 ई॰। सूर्य दक्षिणायण, उत्तर गोल, वर्षा ऋतुः। राहुकाल पूर्वाह्न 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक। द्वितीया तिथि पूर्वाह्न 11 बजकर 20 मिनट तक उपरांत तृतीया तिथि का आरंभ।
पुनर्वसु नक्षत्र प्रातः 07 बजकर 22 मिनट तक उपरांत पुष्य नक्षत्र का आरंभ। व्याघात योग रात्रि 09 बजकर 10 मिनट तक उपरांत हर्षण योग का आरंभ। कौलव करण पूर्वाह्न 11 बजकर 20 मिनट तक उपरांत गर करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात कर्क राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार और यात्रा-उत्सव (श्री जगन्नाथ पुरी), 1447 हिजरी प्रारंभ।
सूर्योदय का समय - सुबह में 5 बजकर 25 मिनट तक।
सूर्यास्त का समय - शाम में 7 बजकर 22 मिनट पर ।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त 4 बजकर 5 मिनट से 4 बजकर 45 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 44 मिनट से 3 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्य रात्रि रात में 12 बजकर 4 मिनट से 12 बजकर 44 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 7 बजकर 21 मिनट से 7 बजकर 42 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
सुबह में 10 बजकर 30 से 12 बजे तक राहुकाल रहेगा। सुबह में 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे मिनट तक गुलिक काल रहेगा। दोपहर में 3 बजकर 30 मिनट से 4 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह में 7 बजकर 10 मिनट से 8 बजकर 54 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल सुबह में 10 बजकर 4 मिनट से 11 बजे तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।