करसोग पहुंचे हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पूर्व मंत्री स्वर्गीय मनसा राम को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री यशवंत सिंह परमार के साथी रहे मनसा राम हमारे मार्गदर्शक थे,
उस पीढी के बचे नेताओं में मनसा राम जी भी थे। उनसे मैंने बहुत कुछ सीखा। मेरे उनसे नजदीकी ताल्लुकात थे। अपनी यादों को साझा करते हुये सुक्खू ने कहा कि मनसा राम एक स्वच्छ छवि और ईमानदार नेता थे। मनसा राम 1967 में पहली मर्तबा विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने थे और 1972 में पहली बार मंत्री बने।
अपने राजनीतिक जीवन में वे पूर्व में मुख्यमंत्री रहे डॉ. वाईएस परमार, रामलाल ठाकुर, वीरभद्र सिंह और प्रेमकुमार धूमल के कार्यकाल में काम कर चुके हैं। मनसा राम 25 साल की उम्र में ही विधायक बन गए थे। उनका नाम सबसे युवा विधायकों की लिस्ट में शामिल है । सुंदरनगर से दसवीं कक्षा की पढ़ाई करने के बाद वे एक अध्यापक के तौर पर शिक्षण कार्य में जुट गए लेकिन किस्मत उन्हें राजनीति में ले आई। करसोग की जनता उन्हें नेताजी के बजाय मंत्री जी के नाम से ही पुकारती थी। मनसा राम ने पहला चुनाव 1967 में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर करसोग हलके से लड़ा था। उस समय मनसा राम की उम्र महज 25 वर्ष थी और सबसे कम उम्र में विधायक बने।