7 अगस्त भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में विशेष महत्व रखता है क्योंकि 1905 में इसी दिन स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत ने देशभर में विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार और स्वदेशी अपनाने की भावना को नई दिशा दी। इसके साथ ही 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि भी इसी दिन तैयार हुई।
24 फ़रवरी का दिन युद्ध, स्वतंत्रता संग्राम, खेल और फिल्म जगत की ऐतिहासिक घटनाओं के लिए याद किया जाता है। यह दिन हमें इतिहास की महत्वपूर्ण सीखों से अवगत कराता है और वर्तमान को बेहतर बनाने की प्रेरणा देता है।
इसके बाद विद्यार्थियों ने भारत रत्न डॉ. भूपेन हाजरिका का एक गीत प्रस्तुत किया जिसकी प्रधानमंत्री ने सराहना की। एक छात्रा ने चाय बागानों से अपने परिवार के जुड़ाव के बारे में बताया और उन्हें चाय की पत्तियां भेंट कीं, जिस पर उन्होंने स्नेहपूर्वक प्रतिक्रिया देते हुए उनकी माताजी को अपना प्रणाम कहा। छात्रों ने उनसे मिलकर खुशी व्यक्त की और कहा कि पीढ़ी के अंतर के बावजूद उन्हें कुछ भी अलग महसूस नहीं हुआ।
यह दिन हमें संघर्ष, खोज और बदलाव की याद दिलाता है। इतिहास के ये पन्ने आने वाली पीढ़ियों को सीख और प्रेरणा देने का काम करते हैं।
एडिलेड ओवल में जारी इस मुकाबले की बात करें, तो पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने खराब शुरुआत के बावजूद 9 विकेट खोकर 264 रन बनाए। भारतीय टीम 17 के स्कोर तक कप्तान शुभमन गिल (9) और विराट कोहली (0) का विकेट गंवा चुकी थी। यहां से रोहित शर्मा ने श्रेयस अय्यर के साथ 118 रन की साझेदारी करते हुए टीम को संभाला। रोहित शर्मा 97 गेंदों में 73 रन बनाकर आउट हुए
भारत 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ और 30 जनवरी 1948 की शाम नाथूराम गोडसे ने अहिंसा के उस पुजारी के सीने में तीन गोलियां उतार दीं। इस अपराध पर गोडसे को फांसी की सजा सुनाई गई। वह 15 नवंबर 1949 का दिन था, जब उसे फांसी दी गई।
नोटबंदी की यह घोषणा आधी रात से लागू हो गई। इससे कुछ दिन देश में अफरातफरी का माहौल रहा और बैंकों के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं। बाद में 500 रुपये और 2000 रुपये के नये नोट जारी किए गए। सरकार ने ऐलान किया कि उसने देश में मौजूद काले धन और नकली मुद्रा की समस्या को समाप्त करने के लिए यह कदम उठाया है।
1985 को दिग्गज अभिनेता आज ही के दिन यह दुनिया छोड़ गए थे, लेकिन अपनी फिल्मों के जरिए वह आज भी अपने प्रशंसकों की यादों में जिंदा हैं। संजीव कुमार अपने दौर के शानदार एक्टर्स में शुमार रहे हैं।
जाने-माने अभिनेता देव आनंद का जन्म भी 26 सितम्बर के दिन ही हुआ था। हिंदी सिनेमा में तकरीबन छह दशक तक दर्शकों पर अपने हुनर, अदाकारी और रूमानियत का जादू बिखेरने वाले सदाबहार अभिनेता देव आनंद का जन्म 1923 में पंजाब के गुरदासपुर में एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था।
मेजर ध्यानचंद का जन्म 29 अगस्त 1905 को हुआ था। उनके जन्मदिन को देश में राष्ट्रीय खेल दिवस के तौर पर मनाया जाता है और खेलों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले खिलाड़ियों को विभिन्न पुरस्कार देकर अलंकृत किया जाता है।