27 अप्रैल को भव्य शोभायात्रा के साथ उत्सव का विधिवत शुभारंभ होगा। 27, 28 और 29 अप्रैल की सांस्कृतिक संध्याएं इस महोत्सव का आकर्षण होंगी, जहां दिन में स्थानीय शिक्षण संस्थानों और सांस्कृतिक समूहों द्वारा रंगारंग प्रस्तुतियां दी जाएंगी। वहीं, संध्या समय स्थानीय कलाकारों व हिमाचल
उन्होंने क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के लिए तेगूबेहड़ में 2.98 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पार्किंग सहित ट्रांजिट आवासों और 24 लाख रुपये की लागत से निर्मित एकीकृत पुनर्वास केंद्र भुन्तर के नवनिर्मित ओपीडी ब्लॉक का लोकार्पण किया।
उन्होंने कहा कि पालमपुर नगर निगम में शामिल पंचायतों आईमा, लोहना, बन्दला, घुग्घर, विन्द्रावन, चौकी और खलेट के लिये 135 करोड़ की लागत से मल निकासी एवं पेयजल सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी और यह कार्य मार्च 2026 तक पूर्ण कर लिया जाएगा।
इस दौरान उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने राधा कृष्ण मंदिर कोटला कलां में माथा टेका और बाबा बाल जी महाराज से आशीर्वाद भी लिया। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जिला ऊना के कण-कण में देवी-देवताओं का वास है। जिला के काफी स्थानों पर भव्य मंदिर है जोकि स्थानीय जनता की आस्था के केंद्र है।
कलश यात्रा संगठन की रचना के अनुसार 6 खण्डों और दो नगरों में जाएगी। इस अभियान के जिला सह संयोजक श्री विजय ठाकुर जी एवम जिला अध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद जी ने बताया कि 1 जनवरी 2024 से 15 जनवरी 2024 तक सभी सामाजिक संगठनों, संस्थाओं, महिला समूह, युवा समूह, मठ-मंदिर के सभी कार्यकर्ता हर घर में जाएंगे और मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम का निमंत्रण पत्र भगवान श्री राम का चित्र एवं अयोध्या से पूजित अक्षत प्रसाद के रूप मे देंगे तथा हर गांव हर घर में जाकर निमंत्रण देंगे।
उन्होंने कहा कि सरोवर के सौंदर्यीकरण के लिए अगर कुछ शेष विकास कार्य रह जाएंगे, उन विकास कार्यों को विधायक सुभाष सुधा के माध्यम से पूरा किया जाएगा। इस सरोवर के विकास में कोई कमी नहीं रहेगी। इस पावन धरा पर अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव ने एक बड़ा स्वरूप धारण कर लिया है। इस महोत्सव का इंतजार देश-दुनिया में बेसब्री के साथ किया जाता है।
उन्होंने इस दौरान धर्मशाला नगर निगम के वार्ड नंबर 10 के राधा कृष्ण मंदिर श्यामनगर में जनता ही जनार्धन प्रोग्राम में शिरकित की।स्थानीय लोगों ने विधायक का यहां पधारने पर जोरदार स्वागत किया गया।
उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि संत बाबा बाल जी से ऊना जिला के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी हजारों की संख्या में लोग जुड़े हैं। यह आश्रम उत्तर भारत के श्रद्धालुओं की गहन आस्था का केंद्र है तथा ऊना जिला के लिए यह हर्ष व गौरव का विषय है।