इस दिन श्रद्धालु प्रातः स्नान-दान करेंगे, भगवान विष्णु और चंद्रदेव की पूजा करेंगे तथा रात्रि में चंद्र दर्शन के बाद व्रत पूर्ण करेंगे। वहीं 3 मार्च को चंद्र ग्रहण के अवसर पर स्नान-दान और जप-तप का विशेष महत्व रहेगा।