चैत्र कृष्ण त्रयोदशी आज, भगवान Hanuman की पूजा का विशेष महत्व
धर्म समाचार | 17 मार्च 2026
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। हिंदू पंचांग के अनुसार मंगलवार, 17 मार्च 2026 को चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। धार्मिक दृष्टि से यह दिन भगवान शिव की आराधना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। मंगलवार के दिन भगवान Hanuman की पूजा करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें, इससे सकारात्मक ऊर्जा और बाधाओं से मुक्ति मिलती है। जीवन में सुख-समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज मंगलवार है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, आज चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि सुबह में 9 बजकर 23 मिनट तक रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी तिथि का आरंभ होगा। शतभिषा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो बाद में पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में परिवर्तित होगा। इसके साथ ही आज सिद्धि योग का शुभ संयोग भी बन रहा है, जिसे मांगलिक और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। सूर्योदय प्रातः लगभग 6:38 बजे और सूर्यास्त सायं लगभग 6:32 बजे होगा।
अशुभ मुहूर्त की बात करें तो आज राहुकाल दोपहर लगभग 3:00 बजे से 4:30 बजे तक रहेगा। इसके अलावा यमगण्ड सुबह 9:00 बजे से 10:30 बजे तक और गुलिक काल दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक रहेगा, इसलिए इस समय में नए शुभ कार्य करने से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
वहीं शुभ समय में अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:05 बजे से 12:52 बजे तक रहेगा, जिसे किसी भी शुभ कार्य के लिए अनुकूल माना जाता है।
🕉️ आज का पंचांग
वार: मंगलवार
कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी सुबह 9 बजकर 23 मिनट तक रहेगी, उसके बाद चतुर्दशी शुरू हो जाएगी।
नक्षत्र शतभिषा रहेगा, जो अगले दिन सुबह 6 बजकर 9 मिनट तक प्रभावी रहेगा
फिर पूर्व भाद्रपद नक्षत्र शुरू होगा। योग सिद्ध सुबह 8 बजकर 15 मिनट तक रहेगा, उसके बाद साध्य योग शुरू होगा
जो अगले दिन सुबह 6 बजकर 22 मिनट तक चलेगा।
करण वणिज सुबह 9 बजकर 23 मिनट तक रहेगा
फिर विष्टि करण शाम 8 बजकर 59 मिनट तक प्रभावी रहेगा।
🌅 सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय: प्रातः 6:38 बजे
सूर्यास्त: सायं 6:32 बजे
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 53 मिनट से 5 बजकर 41 मिनट तक
अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 6 मिनट से 12 बजकर 54 मिनट तक
विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 28 मिनट से 6 बजकर 52 मिनट तक
अमृतकाल रात 11 बजकर 1 मिनट से देर रात 12 बजकर 36 मिनट तक रहेगा
अशुभ समय
राहुकाल दोपहर 3 बजकर 30 मिनट से 5 बजकर तक
यमगंड सुबह 9 बजकर 29 मिनट से 10 बजकर 59 मिनट तक
गुलिक काल दोपहर 12 बजकर 30 मिनट से 2 बजकर तक रहेगा।
भद्रा सुबह 9 बजकर 23 मिनट से शाम 8 बजकर 59 मिनट
पञ्चक पूरे दिन प्रभावी रहेगा।
👉 धार्मिक महत्व:
चैत्र कृष्ण त्रयोदशी के दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना जाता है। मासिक शिवरात्रि है। श्रद्धालु इस दिन व्रत रखते हैं और शिवलिंग पर जल, दूध व बेलपत्र अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।