15 साल की मुखर वक्ता मलाला यूसुफजई को सिर में गोली मारी। मलाला इस घातक हमले में बच गईं। स्कूल से घर लौट रही मलाला पर हुआ यह हमला घातक था, लेकिन मलाला का हौसला भी कम न था। ब्रिटेन में लंबे इलाज के बाद वह ठीक हुईं और एक बार फिर अपने अभियान में जुट गईं। सबसे कम उम्र में शांति का नोबेल पाने वाली मलाला आतंकवादियों के बच्चों को भी शिक्षा देने की पक्षधर हैं, ताकि वह शिक्षा और शांति का महत्व समझें।